अजय कुमार सहरसा । महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिला पदाधिकारी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सहरसा जिला को कृषि इनपुट अनुदान योजना की सूची में शामिल कर किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का लाभ देने की मांग की।प्रतिनिधिमंडल में महागठबंधन के जिला संयोजक सह राजद जिलाध्यक्ष मो. ताहिर के नेतृत्व में सीपीएम जिला सचिव रंधीर यादव, सीपीआई जिला सचिव परमानंद ठाकुर, कांग्रेस के वरीय उपाध्यक्ष कुमार हीरा प्रभाकर, भाकपा माले नेता कुंदन यादव, आईआईपी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. धनोज कुमार, कांग्रेस आईटी सेल के आशीष कुमार शामिल थे।
महागठबंधन के नेताद्वय ने कहा कि जिले में मोंथा चक्रवाती तूफान, बाढ़ और औलावृष्टि से किसानों की धान व अन्य खरीफ फसले काफी क्षति हुई और किसानों को काफी बर्बादी का दंश झेलना पड़ा।विगत दिनों सरकार ने 12 जिलों को कृषि इनपुट अनुदान योजना एवं फसल क्षतिपूर्ति देने की घोषणा की लेकिन बाढ़, मोंथा चक्रवाती तूफान एवं औलावृष्टि से प्रभावित सहरसा जिला के किसानों के साथ भेदभाव रवैया अपनाकर भद्दा मजाक किया और उक्त योजना की सूची से पुरे सहरसा जिले को बाहर कर किसानों के गहरे जख्म पर नमक छिड़कने का किया जबकि अगल-बगल के जिले पूरब में मधेपुरा, उत्तर में सुपौल और पश्चिम में दरभंगा व मधुबनी को उक्त योजना का लाभ दिया जा रहा है तो फिर सहरसा के किसानों के साथ नाइंसाफी क्यों? महागठबंधन के नेताद्वय ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग किया है कि सहरसा जिला को कृषि इनपुट अनुदान योजना की सूची में शामिल कर जिले के किसानों को सफल क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिया जाय।







