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पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर फरकिया दियारा के विभिन्न स्कूलों में बाल विवाह भारत मुक्त अभियान चलाया गया

जब तक बच्ची की उम्र यानी लड़की की उम्र 21 साल और लड़के की उम्र 25 साल होनी चाहिए

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, November 27, 2025

Child Marriage Free India campaign was launched in various schools of Farkiya Diara inside the Eastern Kosi embankment.

अजय कुमार सहरसा । बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष सह संकुल समन्वयक सुदर्शन कुमार गौतम के नेतृत्व में मध्य विद्यालय रैठी समेत कई विद्यालयों में बाल विवाह भारत मुक्त अभियान तहत बाल विवाह खिलाफ दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया.मध्य विद्यालय रैठी में छात्र-छात्राओं के द्वारा इस अवसर पर प्रभात फेरी भी निकाल नारे भी लगाए गए।

जो बच्ची बाल विवाह का हुआ शिकार उजड़ा उसका घर परिवार, शिक्षक नेता सुदर्शन कुमार गौतम ने छात्र-छात्रा एवं वहां के ग्रामीणों को संबोधित कर कहा कि आज बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आप लोगों से विशेष आग्रह और विनती है कि आप लोग अपने बेटे- बेटियों को बाल विवाह यानी कच्ची उम्र में शादी ना करें, जब तक बच्ची की उम्र यानी लड़की की उम्र 21 साल और लड़के की उम्र 25 साल होनी चाहिए, तब अपने बेटे और बेटियों की शादी करें , तभी आपके सगे संबंधियों का घर और आपका घर खुशहाली में रह सकता है,।

अगर आप लोग अपने बेटी और बेटे को बाल विवाह यानी कच्ची उम्र में शादी करते हैं, तो एक तो लड़की कच्ची उम्र में शादी होने पर वह हर हमेशा बीमार रहेगी और उसके जान माल पर भी खतरे का संदेह बना रहेगा और कभी भी उसका घर परिवार सुखी से नहीं जी सकता है, इसलिए आज आप लोग शपथ लें कि हम लोग कभी भी बाल विवाह नहीं करेंगे और बाल विवाह को जो भी बढ़ावा देगा, उसके खिलाफ हम लोग पंचायत में उस व्यक्ति को दंडित करेंगे, और उस व्यक्ति के बारे में सरकार से भी विधि संवत कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा।

बाल विवाह रोकने के लिए छात्र-छात्राओं के द्वारा नुक्कड़ नाटक भी अभिभावकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। छात्र-छात्राओं के बीच बहुत ही खुशनामा माहौल था। बाल विवाह के खिलाफ शिक्षक- शिक्षिका, छात्र-छात्रा एवं अभिभावकों को शिक्षक नेता सुदर्शन कुमार गौतम के द्वारा सभी को शपथ भी दिलाया गया। मौके पर शिक्षक नेता सुदर्शन कुमार गौतम, शिवकुमार, परमानंद कुमार, राजेश जोशी, नवनीत कुमार, अजीत कुमार, सरिता कुमारी, शंकर सदा, प्रमोद सदा, गुरुदेव सदा आदि उपस्थित थे।

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