पूरनपुर/पीलीभीत।तहसील क्षेत्र के गांव खमरिया पट्टी, मुजफ्फरनगर सहित चर्चा है कि लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांवों के नक्शे गायब हैं। ऐसी परिस्थितियों में यह कैसे पता चलेगा कि गांव में जो प्लाटिंग की जा रही है, वह अपनी निजी जमीन पर चल रही है,या फिर सरकारी जमीनों पर यह चिंता का विषय है। कही ऐसा तो नहीं सरकारी जमीनों का सौदा कर दिया गया हो इसलिए तहसील से गांवो के नक्शे ही गायब हो गए। इसको लेकर स्थानीय अधिवक्ताओं ने भी चिंता जताई है और कहा है कि इसको लेकर ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि गांव में रास्ते चकमार्ग या फिर कृषि भूमि की पैमाइश को लेकर भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और दूसरी तरफ गावों में हो रही प्लाटिंग एक चिंता का विषय है। कि कही सरकारी जमीनों की बिक्री कर कॉलोनिया तो नहीं बनाई जा रही हैं। इसको लेकर अधिवक्ता भी परेशान हैं और पूरे मामले में तहसील प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध है। लेकिन इस संम्बंध में स्थानीय राजस्व कर्मचारियों व अधिकारियों की जमकर मौज जरुर है।






