सोनभद्र: अवैध अस्पतालों पर मेहरबानी या मजबूरी? स्वास्थ्य विभाग की 'कागजी' कार्रवाई पर उठे सवाल - RTI एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष की सक्रियता: डीएम कार्यालय ने बेसिक शिक्षा विभाग से माँगा जवाब - विकास खण्ड सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक का ब्लांक प्रमुख मानसी अपूर्व सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया। - विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हुई या फिर पर्दे के पीछे हुआ कोई बड़ा खेल - स्ट्रोक के बाद की जंग: इलाज है, पर बीमा नहींसोनभद्र: अवैध अस्पतालों पर मेहरबानी या मजबूरी? स्वास्थ्य विभाग की 'कागजी' कार्रवाई पर उठे सवाल - RTI एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष की सक्रियता: डीएम कार्यालय ने बेसिक शिक्षा विभाग से माँगा जवाब - विकास खण्ड सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक का ब्लांक प्रमुख मानसी अपूर्व सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया। - विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हुई या फिर पर्दे के पीछे हुआ कोई बड़ा खेल - स्ट्रोक के बाद की जंग: इलाज है, पर बीमा नहीं

RTI एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष की सक्रियता: डीएम कार्यालय ने बेसिक शिक्षा विभाग से माँगा जवाब

अमान खान द्वारा मांगी गई सूचना पर जन सूचना अधिकारी ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Friday, April 10, 2026

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में आरटीआई एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमान खान ने मोर्चा खोल दिया है। उनके द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारियों पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने जारी किया आदेश:

अमान खान द्वारा 4 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन पोर्टल पर दाखिल आवेदन की गंभीरता को देखते हुए, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/जन सूचना अधिकारी ने धारा 6(3) के तहत इस आवेदन को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सोनभद्र को अंतरित कर दिया है। चूंकि मांगी गई सूचनाओं का सीधा संबंध शिक्षा विभाग से है, इसलिए अब बीएसए को नियत समय सीमा के भीतर जवाब देना होगा।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए जिलाध्यक्ष की पहल:

आरटीआई एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष के रूप में अमान खान लगातार जनहित के मुद्दों पर विभागों से जवाबदेही तय करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में भी उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल पूछे हैं। जिलाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आवेदक को वांछित सूचना उपलब्ध कराते हुए उसकी एक प्रति कलेक्ट्रेट कार्यालय को भी भेजी जाए।

समय सीमा में सूचना न मिलने पर होगी अपील:

जिलाध्यक्ष अमान खान ने कहा कि यदि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रथम अपील और राज्य सूचना आयोग तक मामले को ले जाएंगे। प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है।

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