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सोनभद्र: सभासद की फर्जी डिग्री मामले में प्रशासनिक और पुलिस जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

दो अलग-अलग जांचों में शैक्षणिक योग्यता का विरोधाभास पुष्ट, निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता पर उठे सवाल

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Tuesday, March 3, 2026

सोनभद्र (अनपरा)अमान खान ब्यूरो चीफ: नगर पंचायत अनपरा के वार्ड संख्या 20 के निर्वाचित सभासद द्वारा चुनाव के दौरान दाखिल शपथ-पत्र में गलत शैक्षणिक योग्यता दर्शाने का मामला अब गहराता जा रहा है। इस प्रकरण में पूर्व में प्रस्तुत उपजिलाधिकारी (SDM) की रिपोर्ट और अब क्षेत्राधिकारी (CO) पिपरी द्वारा सौंपी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट के तुलनात्मक परीक्षण से एक ही निष्कर्ष सामने आया है कि मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए तथ्यों के साथ खिलवाड़ किया गया।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता नूरुल आरफीन द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, वर्तमान सभासद जैनुल आब्दीन ने वर्ष 2023 के निकाय चुनाव में नामांकन के समय अपने शपथ-पत्र में शैक्षणिक योग्यता बी.ए. (B.A.) अंकित की थी। जबकि जांच के दौरान और स्वयं विपक्षी के बयानों में यह तथ्य सामने आया कि वे मात्र कक्षा 10 (हाईस्कूल) उत्तीर्ण हैं।

जांच रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:

  • सुनियोजित षडयंत्र: दोनों प्रशासनिक जांचों में यह संकेत मिलता है कि अतिरिक्त मत प्राप्त करने और मतदाताओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह भ्रामक जानकारी दी गई।
  • दोष स्वीकारोक्ति: जांच के दौरान विपक्षी ने स्वीकार किया कि उनकी वास्तविक योग्यता हाईस्कूल है, हालांकि उन्होंने इसे ‘भूलवश’ अंकित होना बताया।
  • लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार: रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य निर्वाचन प्रक्रिया की पवित्रता और निष्पक्षता के प्रतिकूल है। यह केवल एक लिपिकीय त्रुटि नहीं, बल्कि प्रथम दृष्टया लाभ प्राप्ति की मंशा से किया गया कृत्य प्रतीत होता है।

कानूनी कार्रवाई की ओर कदम:

क्षेत्राधिकारी पिपरी, हर्ष पाण्डेय द्वारा प्रेषित रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि चूंकि यह मामला राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों और शपथ-पत्र में गलत जानकारी देने से जुड़ा है, अतः इसके विरुद्ध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत सक्षम न्यायालय में वाद योजित कर अनुतोष प्राप्त किया जा सकता है। पुलिस प्रशासन ने जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी है।

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