सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज)अमान खान ब्यूरो चीफ: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को होटल डी.आर. ड्रीम्स में “पीड़ित केंद्रित न्याय प्रणाली एवं महिला सुरक्षा सम्मेलन” का आयोजन किया गया। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने और पीड़ितों को सम्मानजनक न्याय दिलाने की नई रणनीति पर चर्चा की।
पद्मश्री सुनीता कृष्णन का प्रेरक संबोधन:
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री सुनीता कृष्णन ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अब तक 32,000 से अधिक पीड़ितों को मानव तस्करी और यौन उत्पीड़न से मुक्त कराया है। उन्होंने पुलिस बल को मंत्र दिया कि न्याय केवल कागजी कार्रवाई नहीं है, बल्कि पीड़ित को सुरक्षित वातावरण और भावनात्मक सहयोग देना भी पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है।
सम्मेलन के मुख्य बिंदु:
- 9 जनपदों की सहभागिता: इस सम्मेलन में वाराणसी जोन के 9 जिलों के पुलिस अधिकारियों और महिला आरक्षियों ने हिस्सा लिया।
- विशेषज्ञ चर्चा: कार्यक्रम में Gender Based Violence, पोक्सो एक्ट (POCSO), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।
- मिशन शक्ति 10: जनपद में स्थापित 10 मिशन शक्ति केंद्रों की उपलब्धियों को सराहा गया और महिला आरक्षियों को पीड़ितों के साथ अत्यंत शालीन और गोपनीय व्यवहार करने के निर्देश दिए गए।
- Trauma Informed Care: पीड़ितों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मानसिक आघात से बचाने और उन्हें मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने पर विशेष बल दिया गया।
प्रमुख उपस्थित अधिकारी:
सम्मेलन में मुख्य रूप से ADG वाराणसी ज़ोन पीयूष मोर्डिया, DIG विंध्याचल आर.पी. सिंह, जिलाधिकारी बी.एन. सिंह, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा, SP मिर्जापुर अपर्णा रजत कौशिक और CDO जागृति अवस्थी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






