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प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना: कृषकों के बुढ़ापे का मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच

60 वर्ष की आयु के बाद किसानों को मिलेगी 3,000 रुपये मासिक पेंशन, आत्मनिर्भर बन रहे अन्नदाता

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Monday, February 2, 2026

सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना किसानों के लिए वृद्धावस्था में संबल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर किसानों को लाभान्वित कर रही है।

​सालाना 36 हजार रुपये की मिलेगी पेंशन

इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के उपरान्त 3,000 रुपये मासिक यानी कुल 36,000 रुपये सालाना पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि वृद्धावस्था में किसानों को आर्थिक जरूरतों के लिए किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े और उनका मान-सम्मान सुरक्षित रहे।

​योजना की प्रमुख शर्तें और प्रीमियम:

  • ​पात्रता: 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी किसान इस योजना में पंजीकरण करा सकते हैं।
  • ​अंशदान: आयु के अनुसार प्रतिमाह प्रीमियम जमा करना होता है। 18 वर्ष की आयु वाले किसान को 55 रुपये और 40 वर्ष की आयु वाले किसान को 200 रुपये प्रतिमाह का प्रीमियम देना होता है।
  • ​सरकारी सहयोग: कुल प्रीमियम का 50 प्रतिशत हिस्सा किसान द्वारा और 50 प्रतिशत हिस्सा सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

​पंजीकरण की प्रक्रिया हुई आसान

यदि कोई किसान पहले से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभार्थी है, तो उसे मानधन योजना के लिए अलग से कागजी कार्यवाही की आवश्यकता नहीं पड़ती। इच्छुक किसान अपने नजदीकी जनसेवा केन्द्र (CSC) पर जाकर आसानी से पंजीकरण करवा सकते हैं।

​दिसंबर 2025 तक का आंकड़ा

प्रदेश में यह योजना लघु एवं सीमांत कृषकों सहित सभी वर्गों के लिए स्वैच्छिक और अंशदायी आधार पर संचालित है। आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक प्रदेश के 2.52 लाख से अधिक किसानों को योजना के अंतर्गत कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जो सरकार की कृषि और किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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