अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज): उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान’ में भ्रष्टाचार और मिलीभगत का एक गंभीर मामला सामने आया है। रॉबर्ट्सगंज निवासी एक युवा उद्यमी ने बैंक अधिकारियों पर धोखाधड़ी और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और आरबीआई (RBI) को शिकायती पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
रॉबर्ट्सगंज के वार्ड नंबर 21, अशोकनगर निवासी राजीव बरनवाल पुत्र विष्णु बरनवाल ने आरोप लगाया है कि उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के तहत 5 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया गया था। यह प्रक्रिया यूनियन बैंक शाखा रॉबर्ट्सगंज के माध्यम से पूरी की गई। पीड़ित का आरोप है कि बैंक मैनेजर और उनके अन्य साथियों ने मिलकर एक सिंडिकेट की तरह काम किया।
1.50 लाख देकर 5 लाख की वसूली का दबाव
शिकायती पत्र के अनुसार, पीड़ित के खाता संख्या (593002010002423) में स्वीकृत 5 लाख रुपये के सापेक्ष केवल 1.50 लाख रुपये ही ट्रांसफर किए गए। शेष 3.50 लाख रुपये की धनराशि आज तक आवेदक को नहीं मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि बैंक द्वारा पीड़ित पर पूरे लोन अमाउंट की किस्त के रूप में हर माह 3,000 रुपये जमा करने का अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है।
भुखमरी की कगार पर परिवार
आवेदक राजीव बरनवाल ने बताया कि पूरा पैसा न मिलने के कारण वह अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाए हैं। एक तरफ व्यापार ठप है, तो दूसरी तरफ बैंक के चक्कर काट-काट कर और किस्तों के दबाव के कारण उनका परिवार अब भुखमरी की कगार पर आ गया है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि बैंक के कुछ कर्मचारी योजनाबद्ध तरीके से भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं।
इन अधिकारियों को भेजी गई शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपियां निम्नलिखित अधिकारियों को भेजी हैं:
- माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ।
- जिलाधिकारी, जनपद सोनभद्र।
- अध्यक्ष, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नई दिल्ली एवं लखनऊ।
- क्षेत्रीय शाखा प्रबंधक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, वाराणसी।
पीड़ित की मांग
राजीव बरनवाल ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सत्यतापूर्ण जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने जल्द से जल्द न्याय न मिलने पर बड़े आंदोलन की भी चेतावनी दी है।






