उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर स्थित शहीद भगत सिंह कॉलोनी में रक्षाबंधन के दिन ही एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी व दो मासूम बच्चियों की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृतकों की शिनाख्त जयश्री (28), इशिका (7) और अंटू (5) के रूप में हुई है। दरअसल जयश्री रक्षाबंधन पर अपने मायके जाने की जिद कर रही थी। इसी बात पर आरोपी ने गुस्से में वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया।
हत्या की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल को मौके पर बुला लिया गया। बाद में शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
हत्याकांड के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने आरोपी पति प्रदीप कश्यप (29) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने तीनों की हत्या की बात स्वीकार कर ली है। वही जयश्री के भाई चंद्रभान का आरोप है कि प्रदीप को शराब पीने के अलावा जुआ खेलने की लत है। इसको लेकर वह जयश्री से झगड़ा करता था। कई बार उसने उसे घर से निकाल भी दिया था। उसकी इसी आदत हत्या की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि मूलरूप से गांव औरंगाबाद, डिबाई, बुलंदशहर की रहने वाली जयश्री का विवाह वर्ष 2017 में करावल नगर की शहीद भगत सिंह कॉलोनी, गली नंबर-22 निवासी प्रदीप कश्यप से हुई थी। प्रदीप का आजादपुर मंडी में फलों की खरीद-फरोख्त का काम है।
शनिवार सुबह करीब 7.15 बजे उनकी टीम को सूचना मिली कि जयश्री और उसकी दोनों बच्चियों की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। तीनों के शव कमरे में पड़े मिले। शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा था कि तीनों को गला घोंटकर मारा गया है। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को मोर्चरी भेजा गया।
छानबीन हुई तो पता चला कि जयश्री का पति फरार है। उस पर ही हत्या का आरोप था। तीन टीमों को उसकी तलाश में भेजा गया। कुछ ही घंटों बाद आरोपी को मुकुंद विहार से दबोच लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस आरोपी से हत्या की असली वजह पूछने का प्रयास कर रही है।
राखी बंधवाने के लिए बहन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सुबह ही उसकी मौत की खबर सुनकर विश्वास ही नहीं हुआ। दोनों मासूम भांजियों की मौत के बारे में सुना तो कलेजा निकलकर बाहर आ गया। जयश्री के भाई चंद्रभान यह बताते हुए फफक पड़ा। उन्होंने बताया कि गुरुवार को बहन ने कॉल कर बताया था कि वह रक्षाबंधन पर बुलंदशहर आएगी। इकलौती बहन की मौत के बाद से जयश्री के भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। बहन की मौत की सूचना मिलते ही पूरा परिवार बुलंदशहर से दिल्ली चला आया।

चंद्रभान ने आरोप लगाया कि उसकी बहन को प्रदीप व उसके परिजनों ने परेशान किया हुआ था। छोटी-छोटी बातों पर उसको पीटा जाता। कई बार उसे मायके जाने के लिए भी मजबूर कर दिया गया। अभी दो माह पूर्व ही उसकी बहन वापस ससुराल आई थी। पति ने उसे निकाल लिया था। बच्चों का स्कूल होने की बात कर ससुराल वाले खुशामद कर उसे वापस दिल्ली ले आए थे। अब जयश्री के साथ यह सलूक किया।
जयश्री के भाई चंद्रभान ने बताया कि उनका परिवार बुलंदशहर के डिबाई स्थित औरंगाबाद में रहता है। परिवार में पिता अतर सिंह के अलावा मां रानी देवी, तीन भाई चंद्रभान, सूरज और छोटा भाई रूपेंद्र है। गांव में पिता खेती-बाड़ी करते हैं, चंद्रभान और सूरज सिलाई का काम करते हैं, वहीं रूपेंद्र अभी पढ़ाई कर रहा है।
चंद्रभान ने बताया, घर पर सभी लोग जयश्री का इंतजार कर रहे थे। इस बीच सात बजे प्रदीप के मौसा जसवंत का कॉल आया। उसने बताया कि बहन व भांजियों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि दोनों मासूम बच्चियों का क्या दोष था जिसकी उसने हत्या कर दी।
‘हत्या में प्रदीप का भाई और मां भी शामिल’
चंद्रभान ने आरोप लगाया कि प्रदीप अकेला यह काम नहीं कर सकता है, वारदात में उसके परिजन भी शामिल हैं। प्रदीप के परिवार में उसके बड़े भाई सेठी, पूरन और उसकी मां है। चंद्रभान का आरोप है कि जयश्री और बच्चों की मौत के बाद वह भी फरार हो गए हैं। करावल नगर थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।




