जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मुसाफिरखाना में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस। - नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित किया - ट्रेलर लॉन्च के साथ “स्मृति” ने छेड़ी इंसाफ की नई बहस - विशेष खोजी रिपोर्ट: सुकृत चौकी बनी 'अवैध धंधों' की सुरक्षित पनाहगाह? - सोनभद्र में शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुई ईद की नमाजजिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मुसाफिरखाना में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस। - नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित किया - ट्रेलर लॉन्च के साथ “स्मृति” ने छेड़ी इंसाफ की नई बहस - विशेष खोजी रिपोर्ट: सुकृत चौकी बनी 'अवैध धंधों' की सुरक्षित पनाहगाह? - सोनभद्र में शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुई ईद की नमाज

आरटीसी पुलिस लाइन में रिक्रूट आरक्षियों को दी गई प्रेरक एवं जानकारीपूर्ण क्लास

उन्होंने आह्वान किया कि प्रशिक्षण काल को केवल पाठ्यक्रम की पूर्ति तक सीमित न रखते हुए व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और सेवा भावना को भी मजबूत बनाने का अवसर समझा जाए। इस दौरान प्रतिसार निरीक्षक अखिलेश कुमार, आईटीसी निरीक्षक चौथीराम यादव, प्रशिक्षकगण सहित समस्त प्रशिक्षण रिक्रूट आरक्षिगण उपस्थित

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, November 5, 2025

श्रावस्ती। पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया द्वारा आरटीसी पुलिस लाइन भिनगा के लवकुश सभागार में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत रिक्रूट आरक्षियों को प्रेरक एवं मार्गदर्शक क्लास दी गई। इस दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रमुख धाराओं, साइबर क्राइम से संबंधित विधिक प्रावधानों तथा डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 

रिक्रूट आरक्षियों को यह बताया गया कि साइबर अपराध केवल तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की कसौटी भी है, जिससे हर पुलिसकर्मी को सजग और सक्षम रहना चाहिए। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता जैसे मूल मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया, जो एक सच्चे पुलिसकर्मी की पहचान हैं।

उन्होंने आह्वान किया कि प्रशिक्षण काल को केवल पाठ्यक्रम की पूर्ति तक सीमित न रखते हुए व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और सेवा भावना को भी मजबूत बनाने का अवसर समझा जाए। इस दौरान प्रतिसार निरीक्षक अखिलेश कुमार, आईटीसी निरीक्षक चौथीराम यादव, प्रशिक्षकगण सहित समस्त प्रशिक्षण रिक्रूट आरक्षिगण उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले