तमिलनाडु में Congress ने डीएमके से तोड़ा गठबंधन, विजय की पार्टी TVK को दिया समर्थन - यूपी चुनाव में I-PAC से काम नहीं कराएगी सपा? Akhilesh Yadav ने खुद बताई सच्चाई - Lucknow डिफेंस कॉरिडोर में देश की अत्याधुनिक गोला-बारूद फैक्टरी लगेगी, England की कंपनी करेगी निवेश - हिंदुस्तान में ब्लास्ट होते रहते हैं, कौन सी नई बात है… Punjab Blasts पर Farooq Abdullah का विवादित बयान - बंगाल में BJP की प्रचंड जीत, Mamata Banerjee से मिलेंगे अखिलेश यादव, क्या है INDIA Alliance का प्लान?तमिलनाडु में Congress ने डीएमके से तोड़ा गठबंधन, विजय की पार्टी TVK को दिया समर्थन - यूपी चुनाव में I-PAC से काम नहीं कराएगी सपा? Akhilesh Yadav ने खुद बताई सच्चाई - Lucknow डिफेंस कॉरिडोर में देश की अत्याधुनिक गोला-बारूद फैक्टरी लगेगी, England की कंपनी करेगी निवेश - हिंदुस्तान में ब्लास्ट होते रहते हैं, कौन सी नई बात है… Punjab Blasts पर Farooq Abdullah का विवादित बयान - बंगाल में BJP की प्रचंड जीत, Mamata Banerjee से मिलेंगे अखिलेश यादव, क्या है INDIA Alliance का प्लान?

यूपी चुनाव में I-PAC से काम नहीं कराएगी सपा? Akhilesh Yadav ने खुद बताई सच्चाई

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के खराब प्रदर्शन और कानूनी संकटों में घिरी आई-पैक की बढ़ती मुश्किलों के चलते समाजवादी पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए प्रस्तावित गठबंधन तोड़ दिया है।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, May 6, 2026

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए I-PAC कंपनी की सेवाएं खत्म करने की खबरों पर बड़ा दावा किया है. सपा चीफ ने कहा कि हां कुछ समय के लिए उन्होंने हमारे साथ काम किया लेकिन हमारे पास फंड्स नहीं है.
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने उन खबरों को निराधार बताया जिसमें दावा किया गया था कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दलों की हार के बाद I-PAC से काम कराना बंद कर दिया. यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्लाय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं है.
इससे पहले अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनाव प्रबंधन के जरिए जीत हासिल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है और 2024 में “करो या मरो” का आह्वान भी इसी संदर्भ में किया गया था. उन्होंने उन कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया जो परिणाम आने तक डटे रहे और दावा किया कि उनके संघर्ष के कारण बीजेपी पूर्ण बहुमत से दूर रही.
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उपचुनावों में सत्ता पक्ष ने हर संभव तरीका अपनाया, अधिकारियों की तैनाती की गई, यहां तक कि कुछ मामलों में एजेंसियों और पुलिस के दुरुपयोग के जरिए विपक्षी कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथ से हटाया गया.
उन्होंने अयोध्या और मिल्कीपुर जैसे उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासनिक दबाव बनाकर चुनाव प्रभावित किए गए. पश्चिम बंगाल के अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2022 में यूपी में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई थी, जहां सपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुआ और उन्हें मतदान केंद्रों से बाहर किया गया.
अखिलेश यादव ने बीजेपी, उसके सहयोगी दलों, जांच एजेंसियों, कुछ मीडिया संस्थानों और पूंजीपतियों को मिलाकर “मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया” करार दिया और कहा कि यह पूरा तंत्र मिलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है.

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