अवैध खनन की शिकायत जिलाधिकारी से की - पडरौना नगर पालिका को मिली आधुनिक मशीनों और नए वाहनों की सौगात :- अध्यक्ष विनय जायसवाल ने किया पूजन - सर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माहीअवैध खनन की शिकायत जिलाधिकारी से की - पडरौना नगर पालिका को मिली आधुनिक मशीनों और नए वाहनों की सौगात :- अध्यक्ष विनय जायसवाल ने किया पूजन - सर्पदंश से 12 वर्षीय बालिका की मौत, परिवार में मचा कोहराम - एम्स रायबरेली के इमरजेंसी ओटी ने साढ़े पांच माह में 651 सफल ऑपरेशन किए - 20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही

सहारनपुर हिंसा पर मायावती ने जताई चिंता, कहा- पुलिस प्रशासन करे निष्पक्ष कार्रवाई

Saharanpur Violence Update: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बी टिप्पणी कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है.उन्होंने दलित वर्ग से घायल लोगों के लिए चिंता भी जाहिर की है.

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, May 11, 2026

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में देवबंद थाना क्षेत्र के गांव लालवाला में भूमि विवाद में दो पक्षों में संघर्ष के बाद दलित उत्पीड़न सामने आने के बाद अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भीटिप्पणी कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है और उन्होंने दलित वर्ग से घायल लोगों के लिए चिंता भी जाहिर की है.

बीएसपी सुप्रीमो ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “यूपी के ज़िला सहारनपुर के गाँव लालवाला में एक भूमि में फोटो/तस्वीर रखने को लेकर लोगों के बीच हुये विवाद और फिर संघर्ष में दलित वर्ग के अनेक लोगों के भी घायल होने से वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है. पुलिस व प्रशासन को वहां हालात को काबू में रखने के लिये तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिये. साथ ही, दोनों वर्गों के लोगों से भी अपील है कि वे शान्ति-व्यवस्था व आपसी सद्भाव बनाये रखें और मामले को ताक़त से नहीं बल्कि क़ानूनी तरीके़ से ही सुलझायें,”

चंद्रशेखर आजाद हाउस अरेस्ट
बता दें कि इससे पहले लालवाला गांव में पीड़ितों से मिलने जा रहे नगीना सांसद को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने उनके छुटमल पर स्थित आवास में हाउस अरेस्ट रखा. उन्हें करीब आठ घंटे तक घर से कहीं नहीं जाने दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने तर्क दिया कि उनके जाने से स्थिति खराब हो सकती है. जबकि चंद्रशेखर आजाद ने इसको लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. इसके बाद उन्होंने जिला अपस्ताल में भर्ती घायलों का हालचाल लिया और लापरवाही पर डॉक्टर और स्टाफ को आड़े हाथों लिया.

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले