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“सुन्नतों से दूर ज़िंदगी मुश्किल, अमल से राहत और रहमत”- बिलग्रामी

मस्जिद बंगले वाली में स्थित मदरसा बैतुल उलूम में एक पुरअसर और रूहानी माहौल में सालाना जलसे का एहतमाम किया गया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, October 9, 2025

दैनिक अयोध्या टाइम्स

कैराना। मस्जिद बंगले वाली में स्थित मदरसा बैतुल उलूम में एक पुरअसर और रूहानी माहौल में सालाना जलसे का एहतमाम किया गया। जलसे की सदारत करते हुए मशहूर आलिम-ए-दीन मौलाना अनीस आज़ाद बिलग्रामी ने “इसलाह-ए-मुआशरा” के मौज़ू पर ख़िताब किया।

मौलाना बिलग्रामी ने अपने जोशीलें और असरदार अंदाज़ में कहा कि “अगर हम नबी-ए-पाक की सुन्नतों पर अमल करें तो हमारी ज़िंदगी आसान और कामयाब हो जाएगी।” उन्होंने कहा कि हर हालात में अल्लाह का शुक्र अदा करना ईमान की पहचान है — चाहे मुनाफा हो या नुकसान, खुशी हो या ग़म, एक मोमिन को हर सूरत में अपने रब का शुक्र अदा करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि मस्जिद में दाख़िल होते वक़्त अगर हम मस्जिद के आदाब की पाबंदी करें तो अल्लाह तआला की रहमत के दरवाज़े हम पर खुल जाते हैं। उन्होंने यह भी तकीद की कि वुज़ू का सही तरीका और दीन की बुनियादी बातें हमें आलिम-ए-दीन से सीखनी चाहिए, ताकि हमारी इबादत मुकम्मल और मक़बूल हो सके।

जलसे के आखिर में मदरसा बैतुल उलूम के मोहतमिम और बंगले वाली मस्जिद के इमाम व खतीब मौलाना याकूब ने तमाम मेहमानान-ए-ग़रामी और शिरकत करने वालों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। जलसे का बेहतर संचालन मौलाना इसरार ने अंजाम दिया।

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