पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद सीएम सुवेंदु ने कहा बातचीत अच्छी रही।
उन्होंने आगे कहा कि, “हम बंगाल की जनता को भरोसा दिलाते हैं कि ‘डबल-इंजन’ की सरकार में विकास से जुड़े सभी काम पूरे किए जाएंगे। इसको लेकर हमारी पहली कैबिनेट बैठक में छह फैसले लिए गए।”
इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु ने सभी मतदाताओं, चुनाव आयोग (EC), केंद्रीय बलों, पुलिस, पर्यवेक्षकों और सभी राजनीतिक दलों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, कैबिनेट बैठक में लिए गए सभी छह फैसलों के लेकर उन्होंने कहा कि, “हमारे संघर्ष के दौरान जिन 321 लोगों की जान चली गई, उनके संबंध में अगर उनके परिवार चाहें, तो सरकार इसकी जांच शुरू करेगी।”
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि, सीमा सुरक्षा के उद्देश्य से सीमावर्ती क्षेत्रों में BSF को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। हमारा लक्ष्य इस हस्तांतरण प्रक्रिया को 45 दिनों के भीतर पूरा करना है। बंगाल में आयुष्मान भारत योजना शुरू की जाएगी।
जन आरोग्य योजना और प्रधानमंत्री की अन्य योजनाएं भी यहां आने वाले दिनों में लागू की जाएंगी। इसके साथ ही सरकारी नौकरी के लिए उम्र सीमा पांच साल बढ़ाई गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के प्रशिक्षण को शुरू करने के लिए कदम उठाने का अधिकार दिया है।
इन 6 फैसलों पर लगी मुहर
- अत्याचार पीड़ितों के लिए सुरक्षा: जिन परिवारों पर अत्याचार हुए हैं, उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने और उनकी पूरी जिम्मेदारी लेने का फैसला लिया गया।
- आयुष्मान भारत योजना: आयुष्मान भारत योजना को अब बंगाल में लागू किया जाएगा।
- BSF को बाड़ के लिए जमीन: सीमा सुरक्षा बल (BSF) को तारबंदी (बाड़) के लिए 45 दिनों के अंदर जमीन देने का फैसला लिया गया।
- BNS (भारतीय न्याय संहिता): राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू करने पर मंजूरी।
- विस्थापितों को अधिकार: शरणार्थियों और विस्थापितों को भूमि अधिकार देने पर निर्णय लिया गया।
- IAS/IPS अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग:पश्चिम बंगाल कैडर के IAS और IPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए भेजा जाएगा, जिनका इस्तेमाल पिछली सरकार ने नहीं किया था






