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राजनाथ सिंह ने पहिएदार बख्तरबंद प्लेटफॉर्म के उत्पादन के लिए मोरक्को में टीएएसएल के रक्षा विनिर्माण सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया

भारत और मोरक्को के बीच विकसित हो रही रणनीतिक साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, September 24, 2025

भारत और मोरक्को के बीच विकसित हो रही रणनीतिक साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण

New Delhi – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देलतीफ लौदी ने 23 सितंबर, 2025 को मोरक्को के बेरेकिड में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण सुविधा केंद्र का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर को भारत और मोरक्को के बीच विकसित हो रही रणनीतिक साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण बताया। 20,000 वर्ग मीटर में फैला यह सुविधा केंद्र स्वदेशी रूप से विकसित व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (डब्ल्यूएचएपी) 8×8 का उत्पादन करेगा, जिसे टीएएसएल और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा संयुक्त रूप से डिज़ाइन किया गया है।
डब्ल्यूएचएपी एक आधुनिक मॉड्यूलर लड़ाकू प्लेटफ़ॉर्म है जो उन्नत गतिशीलता, सुरक्षा और मिशन अनुकूलन क्षमता से सुसज्जित है। इसकी विशेषताएं जैसे कि स्केलेबल बैलिस्टिक और माइन प्रोटेक्शन के साथ टिकाऊ मोनोकॉक हल, स्वतंत्र सस्पेंशन, सेंट्रल टायर इन्फ्लेशन सिस्टम और उच्च-शक्ति इंजन, बेहतरीन ऑफ-रोड प्रदर्शन सुनिश्चित करते हैं। इस प्लेटफॉर्म में पैदल सेना लड़ाकू वाहन, बख्तरबंद कार्मिक वाहक, टोही, कमांड पोस्ट, मोर्टार वाहक और यहां तक कि विभिन्न प्रकार के एम्बुलेंस भी शामिल हैं। मानवयुक्त या मानवरहित रिमोट हथियार स्टेशनों और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल क्षमता के विकल्प इसकी मारक क्षमता को और बढ़ाते हैं।
मोरक्को सरकार के साथ अपने अनुबंध के तहत, टीएएसएल रॉयल मोरक्को आर्मी को डब्ल्यूएचएपी 8×8 वाहन प्रदान करेगी, जिसकी शुरुआती डिलीवरी अगले महीने से शुरू होने वाली है। यह सुविधा केंद्र निर्धारित समय से तीन महीने पहले ही प्रचालनगत हो गया है और उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है। यह मोरक्को का सबसे बड़ा रक्षा निर्माण सुविधा केंद्र है, जो अफ्रीका में किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा स्थापित ऐसा पहला संयंत्र है।
इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने रेखांकित किया कि भारत का आत्मनिर्भर भारत का विजन केवल अपनी आवश्यकताओं के लिए विनिर्माण करना नहीं है, बल्कि ऐसी क्षमताएं विकसित करना है जो भारत को विश्व के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी और उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों का एक विश्वसनीय स्रोत बनने में सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा, “भारत के लिए, आत्मनिर्भरता का अर्थ अलगाव नहीं है; बल्कि, हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भरता के तहत रणनीतिक स्वायत्तता विकसित करना है। हम ऐसी क्षमताएं विकसित करना चाहते हैं जो हमें वैश्विक साझेदारों के साथ जुड़ाव बनाए रखते हुए स्वतंत्र रूप से अपने राष्ट्र की रक्षा करने में सक्षम बनाएं। ‘मेक इन इंडिया’ के साथ-साथ, हम ‘मेक विद फ्रेंड्स’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को भी आगे बढ़ा रहे हैं; मोरक्को में यह सुविधा केंद्र उस दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।”
राजनाथ सिंह ने रेखांकित किया कि इस परियोजना से रक्षा संबंधी रोज़गार के महत्वपूर्ण अवसर सृजित होने और मोरक्को में इंजीनियरों, तकनीशियनों और आपूर्तिकर्ताओं का एक मज़बूत स्थानीय इको-सिस्टम बनने की उम्मीद है। लगभग एक-तिहाई पुर्जे और उप-प्रणालियां आरंभ से ही स्थानीय स्तर पर सोर्स और असेंबल की जाएंगी। आने वाले वर्षों में स्थानीय मूल्यवर्धन का हिस्सा बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। समर्पित साझेदार भी महत्वपूर्ण उप-प्रणालियां और प्रौद्योगिकियां प्रदान करने के लिए कार्यरत हैं, जिससे देश में उत्पाद समर्थन सुनिश्चित होगा। इस एकीकरण से मोरक्को के रक्षा औद्योगिक आधार के सुदृढ़ होने, उसकी आत्मनिर्भरता में वृद्धि होने और रॉयल मोरक्को सशस्त्र बलों के लिए दीर्घकालिक क्षमता निर्माण की उम्मीद है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “यह केवल एक नए संयंत्र का उद्घाटन नहीं है, बल्कि भारत और मोरक्को के बीच दीर्घकालिक मित्रता में एक नए अध्याय की शुरुआत है। इस सुविधा केंद्र की स्थापना दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक तालमेल का प्रतीक है और भारत के रक्षा उद्योग की शक्ति को प्रदर्शित करती है।”
राजनाथ सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अफ्रीका और यूरोप के प्रवेश द्वार के रूप में मोरक्को की रणनीतिक स्थिति इस सुविधा केंद्र को निर्यात और सहयोग का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध और सुदृढ़ होंगे। उन्होंने कहा कि यह सुविधा केंद्र न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा और समृद्धि में योगदान देगा, बल्कि भारत और मोरक्को की युवा प्रतिभाओं को एक सुरक्षित और नवोन्मेषी भविष्य के निर्माण में मिलकर काम करने के लिए प्रेरित भी करेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह सुविधा केंद्र सहयोग के एक ऐसे मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है जो संप्रभुता का सम्मान करता है, स्थानीय क्षमता को मज़बूत करता है और वैश्विक शांति एवं स्थिरता में योगदान देता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस सुविधा केंद्र ने पहले ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोज़गार सृजित किए हैं, एक आपूर्तिकर्ता इको-सिस्टम विकसित किया है और मोरक्को में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षमताओं का निर्माण किया है। मोरक्को की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के अतिरिक्‍त, इसे भविष्य में निर्यात के लिए भी डिज़ाइन किया गया है, जो महाद्वीपों और बाज़ारों के बीच एक सेतु का काम करेगा।

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