आधी रात दर्जनों खलिहानों में फैली आग की साजिश..! - केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन को संबोधित करेंगे - केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र की तीसरी आम सभा बैठक की अध्यक्षता की - द्रौपदी मुर्मु ने मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई - बाल श्रम उन्मूलन अंतर्गत जैकिट कारखानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों से तीन बाल श्रमिकों को कराया गया बालश्रम से मुक्तआधी रात दर्जनों खलिहानों में फैली आग की साजिश..! - केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन को संबोधित करेंगे - केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सतत तटीय प्रबंधन केंद्र की तीसरी आम सभा बैठक की अध्यक्षता की - द्रौपदी मुर्मु ने मणिपुर के सेनापति में एक सार्वजनिक समारोह की शोभा बढ़ाई - बाल श्रम उन्मूलन अंतर्गत जैकिट कारखानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों से तीन बाल श्रमिकों को कराया गया बालश्रम से मुक्त

पुरैना गांव में दो युवकों को चोर समझकर भीड़ ने पीटा

संवाददाता हैदर राजा नूरपुर बिजनौर । गांव पुरैना में सुबह अफवाह के चलते हिंसा का माहौल बन गया। दो युवकों को चोर समझकर ग्रामीणों ने बेरहमी से पीट डाला। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ से युवकों को बचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।प्राप्त जानकारी

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, November 5, 2025

संवाददाता हैदर राजा नूरपुर

बिजनौर । गांव पुरैना में सुबह अफवाह के चलते हिंसा का माहौल बन गया। दो युवकों को चोर समझकर ग्रामीणों ने बेरहमी से पीट डाला। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ से युवकों को बचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नूरपुर के मोहल्ला सैनीपुरम निवासी सोनू सैनी (20) और मोनू सैनी (19) किसी कार्यवश सुबह पुरैना गांव पहुंचे थे।

स्थानीय लोगों को उन पर चोरी का संदेह हुआ, जिसके बाद देखते ही देखते भारी भीड़ एकत्र हो गई और दोनों युवकों पर हमला बोल दिया। पुरुषों और महिलाओं सहित सैकड़ों लोगों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही नूरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया। भीड़ के आक्रोश के चलते पुलिस को भी विरोध झेलना पड़ा।

ग्रामीणों ने पुलिस की सरकारी गाड़ी को घेर लिया और उसे आगे बढ़ने से रोकने लगे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई, लेकिन पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों घायलों को किसी तरह भीड़ के कब्जे से छुड़ाया और प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा।अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बिजनौर के अनुसार, पीड़ित और हमला करने वाले अधिकांश लोग सैनी समुदाय से संबंधित हैं। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है और एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।

मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि अफवाहों के आधार पर भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेना समाज के लिए कितना घातक हो सकता है। समय रहते पुलिस की हस्तक्षेप से एक बड़ी अनहोनी टली, लेकिन यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था और जागरूकता की गंभीर कमी को उजागर करता है।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले