धनतेरस पर अनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ की अभिनेत्री सिमरन कौर ने बताया, क्यों यह त्यौहार सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है: “प्यार से परिपूर्ण घर ही असली दौलत है” - झालमुड़ी बेचकर संवारी परिवार की जिंदगी, 47 साल से बराकर की रेल पटरियों पर गूंज रही राज कुमार की मेहनत की कहानी - नेकपुर चौरासी में आबकारी विभाग की छापेमारी - कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का लिया जायजा - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं टास्क फोर्स समिति की बैठक सम्पन्नधनतेरस पर अनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ की अभिनेत्री सिमरन कौर ने बताया, क्यों यह त्यौहार सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है: “प्यार से परिपूर्ण घर ही असली दौलत है” - झालमुड़ी बेचकर संवारी परिवार की जिंदगी, 47 साल से बराकर की रेल पटरियों पर गूंज रही राज कुमार की मेहनत की कहानी - नेकपुर चौरासी में आबकारी विभाग की छापेमारी - कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का लिया जायजा - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं टास्क फोर्स समिति की बैठक सम्पन्न

डॉक्टर नदारद,इलाज जारी,बस्ती के अमृत हॉस्पिटल में ‘सूत्रों’ का चौंकाने वाला खुलासा

न टेक्नीशियन,न विशेषज्ञ—फिर भी हॉस्पिटल चालू मुंडेरवा का अमृत हॉस्पिटल सवालों के घेरे में बस्ती (मुंडेरवा) | नगर पंचायत मुंडेरवा के जगदीशपुर में स्थित अमृत हॉस्पिटल को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार हॉस्पिटल में न कोई स्थायी डॉक्टर है,न कोई लैब

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, July 27, 2025

न टेक्नीशियन,न विशेषज्ञ—फिर भी हॉस्पिटल चालू मुंडेरवा का अमृत हॉस्पिटल सवालों के घेरे में

बस्ती (मुंडेरवा) | नगर पंचायत मुंडेरवा के जगदीशपुर में स्थित अमृत हॉस्पिटल को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार हॉस्पिटल में न कोई स्थायी डॉक्टर है,न कोई लैब टेक्नीशियन और न ही अल्ट्रासाउंड टेक्नीशियन, फिर भी मरीजों का इलाज जारी है। दावा किया कि हॉस्पिटल में केवल नाम भर के कर्मचारियों के सहारे इलाज की प्रक्रिया चल रही है। नर्सिंग और तकनीकी सेवाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की अनुपस्थिति के बावजूद अस्पताल की बिल्डिंग और बोर्ड पर 24/7 सुविधा का दावा किया जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल “गोलमाल” की तरह चल रहा है—बिना व्यवस्था, बिना विशेषज्ञता और बिना ज़िम्मेदारी। जबकि अस्पताल के बाहर लगे बोर्ड पर तमाम चिकित्सा सेवाओं की लिस्ट चस्पा है,वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग बताई जा रही है। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस पर संज्ञान लेगा?
स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की लापरवाही आम जनता के जीवन के साथ सीधे खिलवाड़ के समान है। यदि यह सब कुछ सच है,तो संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

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