अनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ ने पूरे किए 100 एपिसोड्स - एम्स रायबरेली में हुआ एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन - वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत शहर कांग्रेस कमेटी ने निकाली बाइक रैली - 25 अक्टूबर को हर घर धुरंधर! फ्रीडिश पर पहली बार होगा रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म का प्रीमियर - बरखेड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा की दावेदारी को लेकर बढ़ी हलचलअनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ ने पूरे किए 100 एपिसोड्स - एम्स रायबरेली में हुआ एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन - वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत शहर कांग्रेस कमेटी ने निकाली बाइक रैली - 25 अक्टूबर को हर घर धुरंधर! फ्रीडिश पर पहली बार होगा रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म का प्रीमियर - बरखेड़ा विधानसभा सीट पर भाजपा की दावेदारी को लेकर बढ़ी हलचल

विकास भवन में सफाई कर्मियों के धरने पर लगी रोक, प्रशासन ने एस्मा और कांवड़ यात्रा का दिया हवाला

एस्मा और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने नहीं दी अनुमति, कर्मचारी बोले—धरना नहीं, समस्याओं के समाधान के लिए सौंपना था ज्ञापन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, July 29, 2026

संवाददाता-अरविन्द कुमार

मुरादाबाद। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के प्रस्तावित धरने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने विकास भवन परिसर में होने वाले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

डीपीआरओ ने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम यानी एस्मा और चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था का हवाला दिया है। उनका कहना है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी जनस्वास्थ्य और स्वच्छता जैसी अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े हैं। एस्मा के तहत हड़ताल, धरना-प्रदर्शन और कार्य में बाधा डालने वाली गतिविधियां प्रतिबंधित हैं।

साथ ही यात्रा मार्ग से जुड़े गांवों में सफाई कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी भी लगाई गई है। ऐसे में किसी भी सरकारी परिसर में धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। प्रशासन ने कहा कि यदि कर्मचारियों की कोई वैध मांग है तो उसे लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाए, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों का पक्ष
वहीं कर्मचारी संघ के नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य कामकाज ठप करना नहीं है। उनका मकसद सिर्फ लंबे समय से लंबित समस्याओं को प्रशासन के सामने गांधीवादी तरीके से रखना था।

संघ नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार मांगपत्र दिए गए, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से विकास भवन में एक दिवसीय गांधीवादी धरना रखकर ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई गई थी, ताकि प्रशासन को समस्याओं से दोबारा अवगत कराया जा सके।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले