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बेमिसाल अदाकारी के अभिनेता धर्मेन्द्र के निधन से सिनेमा के एक युग का अंत – शीतल टंडन

धर्मेन्द्र जी ने सिर्फ पर्दे पर ही नहीं बल्कि लोगों के दिलों में भी राज किया है

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, November 25, 2025

An era of cinema ends with the demise of Dharmendra, the actor of unmatched acting - Sheetal Tandon

धर्मेन्द्र अनमोल
सहारनपुर।
भारतीय सिनेमा जगत के ही-मैन पदम भूषण व लाईफ टाईम एचिवमेन्ट अवॉर्ड से सुशोभित पूर्व सांसद व अभिनेता के गत दिवस निधन पर सहारनपुर के व्यापारियों और सिनेमा प्रेमियों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। व्यापार मंडल की जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले धर्मेन्द्र की लगभग सभी फिल्में उन्होंने देखी है और बेमिसाल अदाकारी के अभिनेता धर्मेन्द्र के निधन से हिंदी सिनेमा के एक युग का अन्त हो गया है।

उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद हिंदी सिनेमा में राज कपूर, दिलीप कुमार व देवानंद के बाद सबसे ज्यादा लम्बे समय के लोकप्रिय व सफलतम अभिनेता रहे। श्री टंडन ने कहा कि उनके जाने से हिंदी सिनेमा का सबसे रोबदार व दिलकश चेहरा अब सिर्फ यादों में रह गया। धर्मेन्द्र जी ने सिर्फ पर्दे पर ही नहीं बल्कि लोगों के दिलों में भी राज किया है। उनकी ऑखों में गॉव का नीला आसमान झलकता था, फिर भी पर्दे पर जब भी आते थे तो दर्शक उन्हें सिर्फ देखते नहीं बल्कि अपने अंदर महसूस करते थे।

इसी कारण वो 6 दशक से अधिक व लगभग 90 साल की उम्र के साथ 1960 से अपनी पहली फिल्म ‘दिल भी तेरा और हम भी तेरे‘ से लेकर अगले माह रिलीज माह होने वाली उनकी आखरी फिल्म ‘इक्कीस‘ तक लोगों के दिलों पर राज किया। उनकी 300 फिल्मों में 100 से अधिक फिल्में सूपरहिट साबित हुई, यह भी एक अनोखी उपलब्धि है भारतीय सिनेमा इतिहास में दर्ज है। उनकी सबसे प्रमुख फिल्म में – शोला और शबनम, फूल और पत्थर, शोले, वंदनी , यादों की बारात, मेरा नाम जोकर, हकीकत, लोफर, सीता और गीता, शालिमार, अनपढ़, इज्जत, ऑखे, ड्रीम गर्ल, रजिया सुल्तान, ज्वार भाटा, राजा जानी, मेरा गॉव मेरा देश, धर्मवीर, अनुपमा, प्रतिज्ञा, जीवन मृत्यु, द बर्निंग ट्रेन, नया जमाना, यकीन, गुड्डी, यमला पगला दिवाना, नौकर बीवी का, आये दिन बहार के, आदमी और इंसान, चुपके-चुपके, देवर, बहारे फिर भी आयेंगी, गंगा की लहरे, दिल ने फिर याद किया आदि अनगिनत फिल्में है जिनमें उनकी मुख्य भूमिका के कारण फिल्में लोकप्रिय रही।

टंडन ने कहा कि उनकी नम्रता, सादगी और इतनी बडी सफलता के बावजूद किसी तरह का कोई दिखावा न करना पूरे फिल्म सिनेमा व हम सबके के लिए एक मिसाल है। उन्होंने अपनी हर भूमिका में छाप छोडी और उनके पीछे एक पूरा सांस्कृतिक युग चलता दिखता था। धमेन्द्र हमारे बीच में नहीं रहे लेकिन हम सबके दिलों में हमेशा रहेंगे।

अभिनेता धमेन्द्र को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने वालो में प्रमुख रूप से व्यापारी प्रतिनिधि व सिनेमा प्रेमियों ने शीतल टंडन, रमेश अरोडा, कर्नल संजय मिड्डा, के0के0 गर्ग, जावेद खान सरोहा, रवि कर्णवाल, मेजर एस0के0 सूरी, मुरली खन्ना, रामजी सुनेजा, गुलशन नागपाल, अशोक चावला, पवन गोयल, राकेश शर्मा, योगेश पंवार, रमेश डावर आदि शामिल रहे।

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