जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मुसाफिरखाना में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस। - नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित किया - ट्रेलर लॉन्च के साथ “स्मृति” ने छेड़ी इंसाफ की नई बहस - विशेष खोजी रिपोर्ट: सुकृत चौकी बनी 'अवैध धंधों' की सुरक्षित पनाहगाह? - सोनभद्र में शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुई ईद की नमाजजिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मुसाफिरखाना में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस। - नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित किया - ट्रेलर लॉन्च के साथ “स्मृति” ने छेड़ी इंसाफ की नई बहस - विशेष खोजी रिपोर्ट: सुकृत चौकी बनी 'अवैध धंधों' की सुरक्षित पनाहगाह? - सोनभद्र में शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुई ईद की नमाज

गुरुद्वारा श्रीगुरु नानक संत सभा में सजा अलौकिक कीर्तन दरबार

शहर के प्रसिद्ध प्राचीन गुरुद्वारा श्री गुरु नानक संत सभा, ताजगंज में आज धन-धन श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में एक अलौकिक एवं भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, October 12, 2025

दैनिक अयोध्या टाइम्स ब्यूरो चीफ चंद्रप्रकाश
आगरा। शहर के प्रसिद्ध प्राचीन गुरुद्वारा श्री गुरु नानक संत सभा, ताजगंज में आज धन-धन श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में एक अलौकिक एवं भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में आगरा शहर के सुप्रसिद्ध कीर्तनीय भाई हरपाल सिंह जी मेहर, जो पावन तपोभूमि सचखंड श्री गुरु हेमकुंड साहिब जी के हजूरी रागी भी हैं, ने अपनी मधुर वाणी में निरोल गुरबाणी का गायन कर संगत को भावविभोर कर दिया,

भाई हरपाल सिंह जी ने “गुरु रामदास रखो शरणाईं” शब्द से कीर्तन की शुरुआत करते हुए गुरु रामदास जी के नाम की धूनी लगाई, इसके उपरांत उन्होंने “भगत तेरे सब प्राण पत्त प्रीतम तू भक्तन का प्यारा” तथा “गुरु की महिमा कथन ना जाए” जैसे भावपूर्ण शब्दों का गायन कर संगत को निहाल किया, संगत ने जयकारों की गूंज के साथ कीर्तन का भरपूर आनंद लिया,

ज्ञानी जोगिंदर सिंह जी द्वारा धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे सरबत के भले की अरदास की गई, हुकमनामे के उपरांत गुरु का अटूट लंगर वरताया गया, जिसमें सभी धर्मप्रेमियों ने एक पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया,
इस अवसर पर गुरुद्वारा समिति के प्रधान बृजमोहन अरोड़ा, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, राजू सलूजा, सरदार बिजेंद्र सिंह बाबा, सिद्धार्थ अरोड़ा, राजीव कोहली,विजय मोटवानी, शंकरलाल आसवानी, अमनप्रीत सिंह, भरत ज्ञानचंदानी, हरीश तुलसानी, अशोक मोटवानी, त्रिलोचन सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले