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आधी रात दर्जनों खलिहानों में फैली आग की साजिश..!

150 बीघा धान की फसल राख; भारी नुकसान, किसानों ने कहा- यह सामान्य दुर्घटना नहीं, जानबूझकर की गई वारदात

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, December 12, 2025

A conspiracy to spread fire in dozens of barns at midnight...!

राजकुमार पाठक
बांदा/
अतर्रा। एक तरफ कर्ज और मौसम की मार झेल रहे किसानों पर बीती रात एक और विकराल आपदा टूट पड़ी। जिले के अतर्रा और गिरवां थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के खलिहानों में रखी धान की तैयार फसल भीषण आग की भेंट चढ़ गई। मिली जानकारी अनुसार बीती रात 11 से 12 बजे के बीच हुई इस घटना ने अमृतपुर खेरवा, उसरापुरवा, तरखरी समेत दर्जनों गांवों के किसानों को हताश कर दिया।

करोड़ों की फसल जलकर खाक हो गई, अब किसान मुआवजे के लिए गुहार लगा रहे हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, अलग-अलग खलिहानों में रखी 150 बीघे से अधिक कटी धान की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई है। किसानों का अनुमान है कि इससे उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। आग का निशाना सिर्फ खलिहानों में रखा धान ही बना।
घटना की सबसे गंभीर बात यह है कि दूर-दूर स्थित खलिहानों में लगभग एक ही समय पर आग का भड़कना शुरू हुआ।

नुकसान और लगी आग को लेकर पीड़ित किसानों ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह उनकी मेहनत की कमाई को लक्ष्य बनाकर रची गई बड़ी साजिश है और आग जानबूझकर लगाई गई है। जो किसान सबसे अधिक प्रभावित हुए उनमें अमृतपुर खेरवा निवासी रामदत्त शुक्ला और अन्य किसानों की लगभग 40 बीघा फसल का नुकसान बताया जाता है और उसरापुरवा में राजाभइया राजपूत (14 बीघा), हरिबाबू राजपूत (14 बीघा), सर्वेश शुक्ला (साढ़े 3 बीघा), छोटू राजपूत (7 बीघा), और रामेश्वर राजपूत (10 बीघा) किसानो की फसलें जलीं। वहीं तरखरी गांव में दीनदयाल पाठक की 20-22 बीघा और रामकिशन पयासी व रमाशंकर पाठक की 12 बीघा फसल पूरी तरह स्वाहा हो गई।

रात में ही किसानों की सूचना पर अतर्रा व बांदा फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और कई जगहों पर आग बुझाई। हालांकि, दूरस्थ स्थानों तक पहुँचने में हुई देरी के कारण कुछ जगहों पर नुकसान अधिक हुआ। अतर्रा व गिरवां थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस ने इसे गंभीर वारदात मानकर कई कोणों से जाँच करने की बात कही है।

इस गंभीर आपदा के बावजूद, जिले में कार्यरत किसान संगठनों की चुप्पी पर किसानों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। पीड़ित किसानों ने सार्वजनिक रूप से अपील की है कि किसान संगठन आगे आएं और उन्हें मुआवजा दिलाने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराने में प्रशासन की मदद करें।किसानों को जाँच रिपोर्ट का इंतजार है।

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