सोनभद्र पुलिस का 'मिशन शक्ति' अवतार: बेटियों को सुरक्षा का कवच, एसिड तस्करों पर कसा शिकंजा - सोनभद्र पुलिस का गो-तस्करों पर प्रहार: बभनी पुलिस ने तस्कर को दबोचा, 2 गोवंश बरामद - सोनभद्र पुलिस की बड़ी कामयाबी: अनपरा पुलिस ने साइबर ठगी के ₹40,000 कराए वापस - ​सोनभद्र पुलिस की बड़ी सफलता: साइबर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति के ₹18,000 कराए वापस - FRCT की बड़ी पहल: फरवरी में 11 बेटियों के हाथ पीले करने के लिए दी ₹24 लाख की सहायतासोनभद्र पुलिस का 'मिशन शक्ति' अवतार: बेटियों को सुरक्षा का कवच, एसिड तस्करों पर कसा शिकंजा - सोनभद्र पुलिस का गो-तस्करों पर प्रहार: बभनी पुलिस ने तस्कर को दबोचा, 2 गोवंश बरामद - सोनभद्र पुलिस की बड़ी कामयाबी: अनपरा पुलिस ने साइबर ठगी के ₹40,000 कराए वापस - ​सोनभद्र पुलिस की बड़ी सफलता: साइबर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति के ₹18,000 कराए वापस - FRCT की बड़ी पहल: फरवरी में 11 बेटियों के हाथ पीले करने के लिए दी ₹24 लाख की सहायता

सदन के अंदर भाजपा नेता ने राजद के युवा सम्राट एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव पर किया जानलेवा हमला,अश्लील भाषा का किया प्रयोग,खूब हुआ हंगामा

–शीतकालीन सत्र के दौरान सत्र मात्र 12 मिनट चल पाया। इस दौरान सदन के अंदर जमकर बवाल हुआ। इस संबंध में विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के दोनों नेताओं ने सदन के अंदर तेजस्वी यादव पर अपशब्द कहते हुए उनको जान से मारने की कोशिश की।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, July 24, 2025

–शीतकालीन सत्र के दौरान सत्र मात्र 12 मिनट चल पाया। इस दौरान सदन के अंदर जमकर बवाल हुआ। इस संबंध में विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के दोनों नेताओं ने सदन के अंदर तेजस्वी यादव पर अपशब्द कहते हुए उनको जान से मारने की कोशिश की।

(रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार)

पटना:-मानसून सत्र की दूसरी पाली की अभी शुरूआत ही हुई थी, तभी हंगामा होने लगा। संजय सिंह और जनक सिंह ने नेता प्रतिपक्ष को कई अपशब्द भी कहे। इस वजह से जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा के दो विधायकों ने न सिर्फ उनको अमर्यादित शब्द कहे, बल्कि उन्हें जान से मारने की भी कोशिश की। हालाँकि राजद के विधायकों ने बीच-बचाव करते हुए तेजस्वी यादव को बचा लिया। जान से मारने का आरोप जनक सिंह और संजय सिंह पर लगा है। तेजस्वी यादव सदन से बाहर निकलकर पत्रकारों के सामने कहा कि माइक तोड़ कर मुझे मारने की कोशिश की गई है। अगर मेरे विधायक बीच बचाव नहीं करते तो कुछ भी हो जाना संभव था। अगर उनको मुझे मारना ही है तो कहिए मैं अपना लाइसेंसी हथियार दे देता हूं उनको, मार दे दो मुझे। ऐसे थोड़े होता है बिना तर्क के कुछ भी बोल देना और बोलकर निकल जाना। तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि यही अशोक चौधरी और विजय सिन्हा हैं जो एनडीए की बैठक में एक दूसरे को भ्रष्टाचारी कह रहे थे। दोनों एक दूसरे पर विभाग लूटने का आरोप लगा रहे थे। यह लोग इमानदार थोड़ी है। फिर उन्होंने कहा कि अगर हम हैं कॉन्ट्रैक्ट वाले हैं, तो फिर मैं खुलेआम कैसे घूम रहा हूं। जेल में डाल दो, एनकाउंटर कर दो। पाताल से क्या ढूंढ रहे हो हम तो सामने खड़े हैं।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले