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पुलिस की क्लीन चिट पर उठे सवाल,पीड़ित महिला ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग,भारत सरकार में दी चुनौती

"पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को पीड़िता ने नकारा, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की शरण में पहुँचा मामला"

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Saturday, March 7, 2026

सोनभद्र,अमान खान ब्यूरो चीफ: जनपद के एक संवेदनशील प्रकरण में पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई जांच रिपोर्ट अब गंभीर विवादों में घिर गई है। मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC), नई दिल्ली ने संज्ञान लेने के बाद प्रकरण को संयुक्त सचिव स्तर पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

पीड़िता मंदीप कौर ने पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा आयोग को भेजी गई रिपोर्ट को असत्य और पक्षपातपूर्ण बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि जांच अधिकारी अमित कुमार ने मुख्य साक्ष्यों को नजरअंदाज कर वार्ड नंबर–20, टैगोर नगर, अनपरा बाजार निवासी सभासद जैनुल आबेदीन को बचाने का प्रयास किया है।

क्या है पूरा मामला?
पीड़िता मंदीप कौर के अनुसार, उनके बैंक खाते (6895000100044006) से जुड़े एटीएम कार्ड का दुरुपयोग कर तथा बैंक रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर को अवैध रूप से बदलकर बड़ी धनराशि की निकासी की गई। बैंक के आधिकारिक दस्तावेजों (लॉग रिपोर्ट) के अनुसार 15-10-2016 को खाते में मोबाइल नंबर 919918282004 अपडेट किया गया, उस समय वह संयुक्त अरब अमीरात में प्रवास कर रही थीं।
पीड़िता का आरोप है कि इसी प्रक्रिया के माध्यम से आरोपी सभासद जैनुल आबेदीन ने उनके खाते से लगभग ₹21,50,000 की अवैध निकासी की।

पुलिस रिपोर्ट पर मुख्य आपत्तियां

  1. आरोपी को अनुचित लाभ:
    पीड़िता का आरोप है कि जैनुल आबेदीन एक प्रभावशाली व्यक्ति और सभासद हैं, जिसके कारण पुलिस ने उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों — जैसे बैंक लॉग और संभावित सीसीटीवी फुटेज — की गहन जांच करने के बजाय उन्हें क्लीन चिट देने वाली रिपोर्ट तैयार कर दी।
  2. बैंक साक्ष्यों की अनदेखी:
    बैंक द्वारा प्रमाणित डेबिट कार्ड मैनेजमेंट दस्तावेज मोबाइल नंबर बदलने की पुष्टि करते हैं, लेकिन पुलिस रिपोर्ट में इन तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया।
  3. गवाहों के बयान पर सवाल:
    मामले के गवाहों ने शपथ पत्र (Affidavit) देकर कहा है कि पुलिस रिपोर्ट में उनके नाम से जो बयान दर्ज किए गए हैं, वे उन्होंने दिए ही नहीं।

आयोग में सुनवाई की तैयारी
मामले की शिकायत और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक सोनभद्र से विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी थी,जिसपर पीड़िता ने पुनः साक्ष्यों के साथ आपत्ति दर्ज करायी थी, अब आयोग ने प्रकरण को संयुक्त सचिव स्तर पर सुनवाई के लिए अग्रेषित किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि मामले पर आयोग में औपचारिक सुनवाई की तैयारी चल रही है।

न्याय की गुहार
पीड़िता मंदीप कौर ने आयोग से मांग की है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि अनपरा बाजार के प्रभावशाली व्यक्ति और सभासद जैनुल आबेदीन के दबाव में जांच अधिकारी ने तथ्यों को दबाने का प्रयास किया है।
पीड़िता ने आयोग से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा गबन की गई राशि की रिकवरी सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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