धीरज श्रीवास्तव रायबरेली ब्यूरो। ‘‘मनरेगा बचाओं संग्राम’’ पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने प्रेसवार्ता के माध्यम से मोदी सरकार पर मनेरगा को समाप्त किए जाने का आरोप लगाया, कांग्रेस कायार्लय तिलक भवन में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 20 वर्ष पहले यू.पी.ए.-1 की सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकार को साकार किया था।
ग्राम पंचायतों को गाँव स्तर की परियोजनाओं पर निणर्य लेने का अधिकार देकर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कोविड-19 महामारी जैसे संकटों के दौरान यह ग्रामीण भारतीय अथर्व्यवस्था की जीवन रेखा साबित हुई। भाजपा सरकार भारत के सबसे गरीब लोगों के लिए सुरक्षा और जीवन यापन गारंटी इस कानून को कमजोर कर इसे खत्म करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है कि जब तक मनरेगा को पूरी तरह उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, तब तक मनरेगा बचाने की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।
पंकज तिवारी ने कहा कि भाजपा के इस मजदूर विरोधी नियम के आते ही कांग्रेस ने 3 जनवरी से ही पूरे देश में ‘‘ मनरेगा बचाओं संग्राम’’ शुरू कर दिया था। पिछले एक महीने से जारी इस संग्राम में हम गांधीवादी तरीके से इस संवेदनहीन बदलाव का विरोध कर रहे है। पूरे प्रदेश में 5000 से ज्यादा मनरेगा बचाओं चौपालों का आयोजन किया जा चुका है। 13 फरवरी को सभी 75 जनपदों में मनरेगा बचाओं पदयात्रा की गई।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी एडवोकेट ने बताया कि रायबरेली जनपद में मनरेगा बचाओं संग्राम के अन्तर्गत पूर्व में विभिन्न कायर्क्रमों का आयोजन किया जा चुका है। जिनमें 22 दिसम्बर 2025 को ‘‘आकोश मार्च’’ (विरोध-प्रदशर्न), 10 जनवरी 2026 कांग्रेस कायार्लय तिलक में प्रेस-वार्ता, 11 जनवरी 2026 शान्ति पूर्ण तरीके से (विरोध-प्रदशर्न), 16 जनवरी 2026 से अब तक 300 से ज्यादा ग्राम पंचायत स्तरीय चैपाल, 02 फरवरी 2026 को महापंचायत-उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी लखनऊ, 13 फरवरी 2026 को रायबरेली जनपद की प्रत्येक विधानसभा में 15 कि.मी. की पद-यात्रा व नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गई।
शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि मनरेगा बचाओं संग्राम का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। जिसमें हम दिनांक 17 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा घेराव करेंगे और राज्य सरकार को बतायेंगे कि कैसे केन्द्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ कर आप पर बोझ डालकर खुद बच जाना चाह रही है। यह हम बतायेंगे कि कैसे मनरेगा कानून में किये जा रहे बदलाव संघीय ढ़ांचे को कमजोर करने का एक कुत्सित प्रयास है।
हम सब 17 फरवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में लखनऊ की तरफ कूंच करेंगे और केन्द्र की संवेदनहीन मोदी सरकार को जगाने का काम करेंगे। प्रेस-वार्ता में मुख्य रूप से विजयशंकर अग्निहोत्री, निमर्ल शुक्ला, मो.इलियास, महेश प्रसाद शर्मा, नौशाद हुसैन खतीब, संजय श्रीवास्तव, लाल आशकिरन प्रताप सिंह, शहर प्रवक्ता अभय त्रिवेदी उपस्थित रहे।







