​सोनभद्र: 'समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन' का जिला ढांचा ध्वस्त, जिलाध्यक्ष के इस्तीफे के साथ संगठन टूटा - बभनी पुलिस ने गो-तस्करों पर कसा शिकंजा, एक गिरफ्तार, चार गोवंश मुक्त - मस्जिद की जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, SDM से न्याय की गुहार - एआई के दौर में सुरक्षित इंटरनेट के प्रति जागरूक हुए अधिकारी और छात्र - मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन/आइवरमैक्टिन ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम०डी०ए०-आई०डी०ए०) अभियान का किया गया शुभारम्भ​सोनभद्र: 'समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन' का जिला ढांचा ध्वस्त, जिलाध्यक्ष के इस्तीफे के साथ संगठन टूटा - बभनी पुलिस ने गो-तस्करों पर कसा शिकंजा, एक गिरफ्तार, चार गोवंश मुक्त - मस्जिद की जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, SDM से न्याय की गुहार - एआई के दौर में सुरक्षित इंटरनेट के प्रति जागरूक हुए अधिकारी और छात्र - मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन/आइवरमैक्टिन ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम०डी०ए०-आई०डी०ए०) अभियान का किया गया शुभारम्भ

मस्जिद की जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, SDM से न्याय की गुहार

ग्राम पंचायत तकिया का मामला: मस्जिद की दर्ज भूमि पर ग्राम प्रधान द्वारा सड़क व नाली निर्माण का आरोप

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Thursday, February 12, 2026

अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र (सुकृत)। विकास खंड करमा के ग्राम पंचायत तकिया में मस्जिद की राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि (गाटा संख्या 80) पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा नियमों को ताक पर रखकर मस्जिद की धार्मिक संपत्ति पर सड़क और नाली का निर्माण करा दिया गया है।

थाने में हुई वार्ता रही बेनतीजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) राबर्ट्सगंज, उत्कर्ष द्विवेदी ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए। बुधवार को थाना राबर्ट्सगंज में दोनों पक्षों के बीच वार्ता बुलाई गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतकर्ता इरशाद अहमद को कुछ लोगों द्वारा धमकियां भी दी जा रही हैं।

शनिवार को ‘थाना दिवस’ पर होगा निर्णय

थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को आगामी शनिवार (थाना दिवस) पर अपने-अपने साक्ष्य और राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि:

  • ​मस्जिद की भूमि को तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
  • ​अवैध निर्माण (सड़क व नाली) को हटाकर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई हो।
  • ​भविष्य में विवाद रोकने के लिए भूमि की घेराबंदी (बाउंड्री) कराई जाए।

​ग्रामीणों का कहना है कि यह वक्फ और राजस्व संहिता के नियमों का सीधा उल्लंघन है। अब सबकी निगाहें शनिवार को होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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