​होलिका दहन स्थलों का निरीक्षण: रॉबर्ट्सगंज में पीस कमेटी की बैठक संपन्न - महिला थाने की पहल: टूटने से बचे 5 परिवार, परामर्श केंद्र में हुआ समझौता - होली व रमजान पर सोनभद्र पुलिस अलर्ट: बभनी और म्योरपुर में फ्लैग मार्च - सोनभद्र पुलिस का बड़ा धमाका: 22.50 लाख का गांजा बरामद, उड़ीसा का तस्कर गिरफ्तार - पनारी में ओबरा प्लांट की राख का कहर: फसलों के साथ जीवन भी संकट में​होलिका दहन स्थलों का निरीक्षण: रॉबर्ट्सगंज में पीस कमेटी की बैठक संपन्न - महिला थाने की पहल: टूटने से बचे 5 परिवार, परामर्श केंद्र में हुआ समझौता - होली व रमजान पर सोनभद्र पुलिस अलर्ट: बभनी और म्योरपुर में फ्लैग मार्च - सोनभद्र पुलिस का बड़ा धमाका: 22.50 लाख का गांजा बरामद, उड़ीसा का तस्कर गिरफ्तार - पनारी में ओबरा प्लांट की राख का कहर: फसलों के साथ जीवन भी संकट में

अमित शाह ने आज डिब्रूगढ़ में असम विधानसभा के नए भवन के शिलान्यास सहित लगभग ₹1,715 करोड़ रुपए की लागत से 5 परियोजनाओं का भूमिपूजन और किया उद्घाटन

असम को समावेशी बनाने के प्रयास के तहत डिब्रूगढ़ को राज्य की दूसरी राजधानी बनाने का निर्णय लिया गया

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, January 30, 2026

Amit Shah today inaugurated and performed bhoomi pujan of 5 projects worth approximately ₹1,715 crore, including laying the foundation stone of the new building of the Assam Legislative Assembly in Dibrugarh.

नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह ने आज डिब्रूगढ़ में असम विधानसभा के नए भवन के शिलान्यास सहित लगभग ₹1,715 करोड़ रुपए की लागत से 5 परियोजनाओं का भूमिपूजन और उद्घाटन किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह अमित शाह ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 2025 में घोषणा की थी कि असम को समावेशी बनाने के प्रयास के तहत डिब्रूगढ़ को राज्य की दूसरी राजधानी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी की सरकारों में कई घोषणाएं सिर्फ घोषणा बनकर रह जाती थीं, लेकिन अब हमारी पार्टी की सरकार है। मुख्यमंत्री सरमा ने घोषणा की थी और आज 57 बीघा जमीन पर असम के दूसरे विधानसभा परिसर का शिलान्यास हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब डिब्रूगढ़ वासी भी असम की राजधानी के वासी माने जाएंगे। शाह ने कहा कि असम को समावेशी बनाने के प्रयास के तहत डिब्रूगढ़ को राज्य की दूसरी राजधानी बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यहाँ बहुत सारी जातियाँ, समुदाय और जनजातियाँ रहती हैं, उन सभी का असम पर अधिकार है और सब मिलजुलकर एक महान असम बनाएंगे।

केन्द्रीय गृह ने कहा कि असम की नदियां हमारी संस्कृति की धरोहर, हमारे किसानों की आर्थिक रेखा और हमारे लिए मां के समान हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से असम बाढ़ की समस्या से ग्रस्त था। हमने असम को बाढ़ से बचाने के लिए स्पेस एप्लीकेशन सेंटर से राज्य का सर्वे किया और उसके आधार पर बड़े बड़े वेटलैंड चिन्हित किए। अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 692 करोड़ रूपए खर्च कर प्रथम चरण में 15 वेटलैंड को विकसित करने का काम किया है। इससे साढ़े सात लाख लोगों को बाढ़ से बचा सकेंगे, लगभग 77 हज़ार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, बाढ़ की तीव्रता कम होगी और वॉटर होल्डिंग क्षमता बढ़ने से भूजलस्तर भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा 15 बड़े -बड़े तालाबो से सिंचाई होगी और असम के किसानों को वर्ष में तीन बार उपज पैदा करने में मदद मिलेगी, पशुपालन बढ़ेगा और डेयरी उद्योग भी बढ़ेगा। इनका उपयोग वाटर स्पोर्ट्स के लिए भी होगा और ये पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र भी बनेंगे।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हाल ही में भारत सरकार ने यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया है और इसका सबसे बड़ा फायदा हमारे असम के डिब्रूगढ़ को होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने EU ट्रेड डील साइन कर असम की चाय को zero tariff के साथ पेरिस से बर्लिन तक पहुँचाने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विपक्षी सरकारों ने दशकों तक असम के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, वन्यजीव और पर्यावरण सुरक्षा, सेमीकंडक्टर औऱ चिप उद्योग समेत हर क्षेत्र में मोदी सरकार की पहली प्राथमिकता असम है। अमित शाह ने यह भी कहा कि रेलवे, वॉटरवे, एयरपोर्ट या उद्योग लगाने हों, हर क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी असम को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हर जगह असम और नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि उनके दिल में यह क्षेत्र बसता है।

अमित शाह ने कहा कि विपक्षी सरकारों ने असम को गोलियां, बम धमाके, संघर्ष और युवाओं की मौत दी है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पूरे नॉर्थईस्ट में 20 से अधिक समझौतों के तहत 10 हज़ार से अधिक युवाओं ने हथियार डाले हैं जिससे असम और नॉर्थईस्ट सुरक्षित बने हैं। अमित शाह ने कहा कि एक ज़माने में यहां कर्फ्यू, बम धमाकों और गोलियों की आवाज़ थी लेकिन आज भूपेन दा का संगीत यहां से पूरे विश्व में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि भूपेन हज़ारिका और भारत माता के महान सपूत गोपीनाथ बोरदोलोई जी को भारत रत्न देने का काम भी मोदी सरकार ने किया। हमने यहां शांति, सुशासन, विकास और सबको साथ लेकर चलने की नई परंपरा शुरू की है।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2021 में डिब्रूगढ़ की धरती पर विपक्षी सरकार ने टूलकिट प्रसारित किया था जो असम विरोधी था और दुनिया में असम की चाय की छवि बिगाड़ने वाला था। उन्होंने कहा कि असम के हमारे श्रमिकों के कल्याण के लिए विपक्षी सरकारों ने आज तक कुछ नहीं किया। शाह ने कहा कि हमारी पार्टी की सरकार ने 2025 में लैंड होल्डिंग अमेंडमेंट एक्ट पारित कर 825 चाय बागानों के 3 लाख से अधिक संथाल, कोल, भील, मुंडा, बंगाली श्रमिकों को भूमि का मालिक बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी और असम सरकार ने लचित बोरफुकन जी की जीवनी को पूरे देश की 23 भाषाओं में अनुवादित किया है।

अमित शाह ने कहा कि विपक्षी सरकारों ने असम में घुसपैठ करवाकर इसे वौटबैंक की राजनति से सत्ता प्राप्त करने का हथियार बनाया। उन्होंने कहा कि असम सरकार ने डेमोग्राफी बदलने का सिलसिला बंद कर 1 लाख 26 हज़ार एकड़ भूमि घुसपैठियों से मुक्त कराने का काम किया है। शाह ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा जी के नेतृत्व में हम एक-एक घुसपैठिए को असम से बाहर निकाल देंगे। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए किसी भी तरह से असम और देश का भला नहीं कर सकते क्योंकि घुसपैठिए हमारी डेमोग्राफी को बदल रहे हैं और देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं।

उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकी परिवर्तन को अगर नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में असम को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है और सिर्फ हमारी सरकार ही इसे रोकने का काम कर सकती है। शाह ने कहा कि पहले असम की सरहदें घुसपैठियों के लिए खुली थीं लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी और असम सरकार ने मिलकर घुसपैठियों का असम की सरहदों में आना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी ने वोट बैंक के लिए श्रीमंत शंकर देव जी की पवित्र भूमि को घुसपैठियों के हवाले कर दिया था, जिसे असम की हिमंता सरकार घुसपैठिया-मुक्त बना रही है।

अमित शाह ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में हमने असम में बहुत बड़ा आर्थिक सुधार भी किया है। उन्होंने कहा कि असम की GSDP को 4.1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.2 लाख करोड़ तक ले गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी के शासन में असम बम धमाकों, हिंसा और युवाओं की मौत के लिए जाना जाता था, जबकि मोदी सरकार में युवाओं की आय में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। उन्होंने कहा कि अगर हमें शांति, विकास शिक्षा, उद्योग, रोज़गार चाहिए तो वो हमारी सरकार ही दे सकती है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे देश में खेलों के लिए हमारे युवाओं में उत्साह भरने का काम किया है। उन्होंने कहा कि स्पर्धा चाहे राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, भारत के युवा आज खेलों में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि सिर्फ युवाओं के उत्साह से तब तक कुछ नहीं होता, जब तक इंफ्रास्ट्रक्चर, खेलने की सुविधा, आधुनिक ट्रेनिंग की व्यवस्था, पारदर्शी चयन और सरकार की तरफ से खिलाड़ियों को सहयोग न हो। उन्होंने कहा कि आज डिब्रूगढ़ में विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस मल्टी-डिसिप्लिनरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पहले चरण का लोकार्पण किया गया। 238 करोड़ रुपए की लागत से 106 बीघा जमीन पर इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, फुटबॉल मैदान, लॉन टेनिस कोर्ट, बास्केट बॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल और कोच के रहने की जगह बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 209 करोड़ रुपए की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के दूसरे चरण का शिलान्यास भी हुआ।

गृह मंत्री ने कहा कि डिब्रूगढ़ में असम के विधानसभा परिसर के साथ-साथ राज्य के विधायकों के लिए आवास निर्माण परियोजना का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि 292 करोड़ रुपए की लागत से डिब्रूगढ़ में वन्यजीव अनुसंधान संस्थान का भी निर्माण होगा। इस संस्थान में रोगों के सर्विलांस, रिसर्च एवं डाइग्नोसिस की व्यवस्था और कपैसिटी बिल्डिंग की सुविधा होगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस संस्थान में पशुओं के साथ-साथ पक्षियों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। अमित शाह ने कहा कि इस संस्थान में वैज्ञानिक अनुसंधान और जेनेटिक रोगों के अध्ययन की भी व्यवस्था होगी, जिससे विश्व में यह एक महत्वपूर्ण संस्थान के रूप में स्थापित होगा।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले