राजकुमार पाठक की कलम से
बांदा/लानत कहे या अजब गजब, जो पानी को बर्बाद होने से बचाने के लिए जनता के लाखो रुपए खर्च करके प्रचार प्रसार कराते है, उन्ही की निगरानी में पानी की बर्बादी अगर हो रही है तो उसे क्या माना जाए..? बिना खुदाई के ग्राम जमालपुर के कुछ खेत पानी लबालब हो कर के तलब में तब्दील हो गए। यह कोई काले जादू वाला कोई छूमंतर नही है बल्कि इलाकाई लोग इसे लापरवाही और बेपरवाही का एक नायब नमूना बताते है।
मामला कहीं और का नही चिल्ला रोड स्थित शहर मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर दूर, ग्राम जमालपुर में थाना देहात कोतवाली के इर्द गिर्द जल संस्थान द्वारा लगाए गए ट्यूबवेल की मेन राइजिंग पाइप लाइन 2 माह से जगह जगह टूटी फूटी पड़ी होने के कारण पानी के रिसाव से न केवल सड़क खराब हो रही है बल्कि आस पास के खेतो में पानी का जलभराव किसानो के सामने खेत बोने के संकट की विकराल समस्या खड़ी कर दी है।
टूटी पाइप लाइन से जल रिसाव को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि देहात कोतवाली थाना के आगे मुन्नू गुप्ता के मकान के पास और अन्य 3 से चार जगहों से पाइप लाइन टूटी है। कई बार जिम्मेदार कार्यदाई संस्था जल संस्थान अभियंताओं को जानकारी भी दी गई लेकिन आज तक पाइप लाइन के रिसाव का पुख्ता इलाज नहीं हो पाया है नतीजन रिसाव के कारण किसान खेत बोने को खड़े है लेकिन खेतो में जलभराव के कारण खेत बोना असंभव बन चुका है।
जब तक जल रिसाव बंद नही होगा और खेत सूखेगे नही तो बोया कैसे जाएगा हालातो की जानकारी जल संस्थान के अधिकारियो के अलावा समाधान दिवस में भी 29/11 को किसानो द्वारा दी गई लेकिन अभी तक किसी भी जिम्मेदार की नजरे इनायत नही हुई है। वहीं जमालपुर गांव के निवासी विस्वेश्वर, राम मूरत, राजीव त्रिपाठी, राजेश दुबे, कामता प्रसाद, रज्जन बापू सहित शंभू प्रसाद एडवोकेट आदि का कहना है कि शीघ्र ही टूटी फूटी पाइप से रिसाव के जल के साथ किए जारहे छल की कारगुज़ारी पर आवश्यक कार्यवाही के साथ नई पाइप लाइन डलवाई जाए और प्रभावित किसानों को क्षति पूर्ति दिलाई जाए।
किसानों का यह भी कहना है कि पाइप लीकेज से बर्बाद और बह रहे जल की वजह से सड़क के किनारे खनतियो में पानी भर जाने और खनतियों में पानी का बहाव थम जाने के कारण खेतों की ओर पानी जाने से किसानी का नुकसान लगातार इजाफे पर है और पानी भरे होने के कारण खेत तैयार नहीं हो पा रहे है।उधर इस बाबत जब जिम्मेदार कार्यदाई संस्था के अभियंता से जानने समझने का प्रयास किया गया तो दूरभाष में घंटी बजती रही और बात नहीं हो सकी।







