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इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से नवाजी गईं मिशेल बैचेलेट – सोनिया गांधी ने बताया ‘वैश्विक प्रेरणा’

सोनिया ने इंदिरा गांधी की नीतियों, बैचेलेट के संघर्ष और मानवाधिकारों की रक्षा को सराहा।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, November 21, 2025

Michelle Bachelet awarded the Indira Gandhi Peace Prize, Sonia Gandhi calls her a 'global inspiration'

संवाददाता हरिओम द्विवेदी

कानपुर /नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चिली की पूर्व राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख रह चुकीं मिशेल बैचेलेट को इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान इंदिरा गांधी मेमोरियल न्यास द्वारा वैश्विक शांति, मानवाधिकार और विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। इस अवसर पर सोनिया गांधी ने इंदिरा गांधी और मिशेल बैचेलेट—दोनों के योगदान की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने गरीबी, असमानता और वंचना के खिलाफ अपनी नीतियों से भारत को नया स्वरूप दिया,और उनका काम आज भी प्रेरणा देता है।

सोनिया गांधी ने बैचेलेट की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक ऐसी नेता हैं जिन्होंने अपमान,उत्पीड़न और निर्वासन जैसी चुनौतियों को पार कर मानवता और न्याय की राह चुनी। उन्होंने बताया कि बैचेलेट ने अपने कार्यकाल में महिलाओं के अधिकार, स्वास्थ्य सेवाओं,समानता और स्वतंत्रता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।

उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार हमें हमेशा यह याद दिलाता है कि दुनिया में कठिन समय में भी ऐसे लोग मौजूद होते हैं, जो न्याय, शांति और सामूहिक हित के लिए सतत संघर्ष करते रहते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर सोनिया गांधी द्वारा भारत के प्रति, उनके वक्तव्य शांति, नेतृत्व, मानवाधिकार और सामाजिक उत्थान की चर्चा पर केंद्रित थे।

मिशेल बैचेलेट ने भी इंदिरा गांधी को ‘समावेशी नेतृत्व और सौहार्द की मिसाल’ बताते हुए भारत के साथ अपनी सकारात्मक भावनाएँ साझा कीं।
विदेश के नेताओं का सम्मान भारत में हो यह भी गौरव की बात है हम उसका विरोध किंचित मात्र भी नहीं करते लेकिन ऐसे नेताओं ने जो भारत की आलोचना करते नहीं थकते भारत को अपमानित करने से किंचित मात्र भी पीछे नहीं हटते उनकी जुबान नहीं लड़खड़ाअति ऐसे विदेशी नेताओं को भारत की धरती पर सम्मानित करना भारत की जनता का अपमान करना है लिए हम बताते हैं की सम्मानित करने वाले नेता ने पूर्व में अपने बयानों में भारत की किस प्रकार से आलोचनाएं की-

मिशेल बैचेलेट द्वारा भारत की नीतियों पर की गई प्रमुख आलोचनाएँ (संक्षेप में)

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैचेलेट ने पूर्व में भारत से जुड़े कुछ मुद्दों पर चिंता व्यक्त की थी। उनकी प्रमुख आलोचनाएँ इस प्रकार रही—

  1. सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) पर उन्होंने कहा कि यह कानून धार्मिक आधार पर भेदभाव की आशंका पैदा करता है।
  2. कश्मीर में सुरक्षा व संचार प्रतिबंधों पर चिंता जताई और इसे नागरिक अधिकारों पर प्रभावकारी बताया।
  3. धारा 370 हटने के बाद की स्थिति और मानवाधिकारों की निगरानी में पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
  4. एनआरसी और डिटेंशन केंद्रों को लेकर भी उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण की जरूरत पर ज़ोर दिया।

ये सभी टिप्पणियाँ संयुक्त राष्ट्र रिपोर्टों और उनके आधिकारिक वक्तव्यों का हिस्सा थीं।


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