वंदे मातरम की भावना और भारत के इतिहास में इसकी अद्वितीय भूमिका का महत्व दर्शाने के लिए वंदे मातरम के 150 वर्ष, एक राष्ट्रीय स्मारक पहल है। वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं है; यह भारत की सामूहिक चेतना है और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों का नारा था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 अक्टूबर को ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के लिए देशव्यापी समारोहों को स्वीकृति दी थी, ताकि नागरिकों, विशेषरूप से हमारे युवाओं और विद्यार्थियों को इस गीत की मौलिक, क्रांतिकारी भावना से जोड़ने के लिए एक प्रभावशाली आंदोलन को प्रोत्साहन दिया जा सके।ये समारोह इस शाश्वत संदेश का सम्मान करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि इसकी विरासत पूरी तरह से मनाई जाए और अगली पीढ़ी के दिलों में समाहित हो।

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित, वंदे मातरम पहली बार उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ था, जो बंगाली साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में धारावाहिक रूप में प्रकाशित हुआ था और समय के साथ भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नारा बन गया। मातृभूमि को दिव्य बताते हुए, जो प्रकृति और राष्ट्र दोनों का प्रतीक है, इस भावपूर्ण आह्वान ने भारतीयों की पीढ़ियों को एक साझा भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान दी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह का शुभारंभ दिल्ली में एक भव्य राष्ट्रीय उद्घाटन समारोह के साथ हुआ, जिसमें प्रमुख कलाकार, युवा प्रतिनिधि और समाज के विभिन्न वर्गों के अन्य लोग सम्मिलित हुए। इस अवसर पर एक विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया गया।
वंदे मातरम: नाद एकम, रूपम अनेकम, एक सांस्कृतिक उत्सव है, जिसमें गायकों और संगीतकारों ने राष्ट्रीय गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति ने विविधता में एकता की भावना को खूबसूरती से प्रतिबिंबित किया और संगीत की शक्ति को गर्व और एकजुटता की प्रेरणा देने वाला दिखाया। यह उस शाश्वत गीत के प्रति एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि थी जो आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजता है।
वंदे मातरम संगीत कार्यक्रम देखें – नाद एकम रूपम अनेकम – नाद एकम रूपम अनेकम
वंदे मातरम से संबंधित कार्यक्रमों और आयोजनों ने गति पकड़ ली है। इस अभियान की वेबसाइट पर 39,783 से अधिक कार्यक्रम पहले ही अपलोड किए जा चुके हैं। ये आयोजन 36 राज्यों और 653 जिलों में आयोजित किए गए हैं।

भारत सरकार के मंत्रालय और विभाग भी वंदे मातरम के सामूहिक गायन पर केंद्रित कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। भारत सरकार के 52 मंत्रालयों ने पहले ही अपने कार्यक्रमों और गतिविधियों को अभियान की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है।
दुनिया भर में भारतीय मिशन और केंद्र स्थानीय लोगों की उपस्थिति में भारतीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी के साथ वंदे मातरम के सामूहिक गायन पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
पूरे भारत के विद्यालय और महाविद्यालय वंदे मातरम के सामूहिक गायन के सामूहिक आंदोलन में शामिल हो गए हैं। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 11,632 विद्यालयों और 554 महाविद्यालयों में पहले ही वंदे मातरम से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।







