अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र। देश के युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दिलाने और शिक्षा व स्वास्थ्य के संवैधानिक अधिकार की गारंटी के लिए ‘रोजगार अधिकार अभियान’ ने बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की वर्चुअल बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 31 जनवरी को सुबह 11 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर #EmploymentForYouth हैशटैग के साथ महा-अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के पदाधिकारियों ने मांग की है कि केंद्र सरकार 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले आम बजट में युवाओं के रोजगार के लिए ठोस बजटीय प्रावधान करे। बैठक में चिंता व्यक्त की गई कि देश में एक ओर असमानता बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार के विभागों में करीब एक करोड़ पद रिक्त पड़े हैं, जिन्हें मिशन मोड में भरने की जरूरत है।
पूंजीपतियों पर टैक्स लगाने और लेबर कोड के विरोध का प्रस्ताव पारित
बैठक के दौरान जारी प्रेस बयान में कहा गया कि भारत में अमीरी-गरीबी की खाई गहराती जा रही है। संसाधन जुटाने के लिए ‘सुपर रिच’ (अत्यधिक धनिकों) की संपत्ति पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा गया। अभियान के नेशनल कोआर्डिनेटर राजेश सचान ने कहा कि कौशल विकास की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं और पीएम इंटर्नशिप जैसी योजनाएं भी विफल साबित हुई हैं।
इसके अलावा, नए मजदूर विरोधी लेबर कोड पर भी गहरी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि फिक्स टर्म एंप्लॉयमेंट और 12 घंटे काम जैसे प्रावधान नागरिकों को ‘आधुनिक गुलामी’ की ओर धकेलेंगे। बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर जल्द ही दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी:
वर्चुअल बैठक में मुख्य रूप से राजेश सचान, आकाश यादव, सुरेन्द्र पांडेय, बादल सिंह, सविता गोंड, रूबी सिंह गोंड, जय प्रकाश यादव, ईशान गोयल, दीपक अरोड़ा, इंजी. आर. बी. पटेल, अर्जुन प्रसाद, राहुल कुमार, आलोक राय, संदीप निराला और अभिषेक मिश्रा सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।





