राम जाने..! कब कैसे कौन रोकेगा सदर की गदर ? - सी.पी. राधाकृष्णन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया; युवाओं से बौद्धिक अखंडता और राष्ट्र निर्माण की भावना बनाए रखने की अपील की - दुष्कर्मी द्वारिका धरिकार को 20 वर्ष की जेल, जुर्माने की राशि से ₹30 हजार पीड़िता को देने का आदेश - ​झरियवां धाम में गूंजेंगे वैदिक मंत्र: भिखारी बाबा के सानिध्य में 14 जनवरी से शुरू होगा विराट रूद्र महायज्ञ - सुधीर चौधरी के सिर सजा पत्रकार संगठन कैराना के अध्यक्ष का ताजराम जाने..! कब कैसे कौन रोकेगा सदर की गदर ? - सी.पी. राधाकृष्णन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया; युवाओं से बौद्धिक अखंडता और राष्ट्र निर्माण की भावना बनाए रखने की अपील की - दुष्कर्मी द्वारिका धरिकार को 20 वर्ष की जेल, जुर्माने की राशि से ₹30 हजार पीड़िता को देने का आदेश - ​झरियवां धाम में गूंजेंगे वैदिक मंत्र: भिखारी बाबा के सानिध्य में 14 जनवरी से शुरू होगा विराट रूद्र महायज्ञ - सुधीर चौधरी के सिर सजा पत्रकार संगठन कैराना के अध्यक्ष का ताज

बभनी में मानवता शर्मसार: अवैध अस्पताल में दो महिलाओं के गर्भाशय निकाले, छापेमारी के दौरान खेतों में छिपाया

• रसूख का खेल: पत्रकारों को दी धमकी, संचालक बोला- "अधिकारी मेरा कुछ नहीं उखाड़ पाएंगे।"

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Sunday, January 11, 2026

सोनभद्र (बभनी) अमान खान ब्यूरो चीफ: स्थानीय थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार स्थित संजीवनी सर्जिकल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कथित रूप से अवैध तरीके से दो महिलाओं का ऑपरेशन कर उनकी बच्चेदानी (गर्भाशय) निकाल दी गई। कार्रवाई के डर से अस्पताल संचालक मरीजों को कमरे में ताला बंद कर फरार हो गए और बाद में उन्हें बदहवास हालत में खेतों में छिपाए रखा।

छापेमारी से मचा हड़कंप, मरीजों को बनाया ‘बंधक’
​शनिवार शाम करीब 5 बजे सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संजीवनी सर्जिकल हॉस्पिटल पर छापा मारा। अधिकारियों के पहुँचने की भनक लगते ही अस्पताल संचालक ने आनन-फानन में ऑपरेशन की गई दो महिलाओं को कमरे के भीतर बंद कर ताला लगा दिया और मौके से भाग निकले। करीब एक घंटे तक बिना किसी मेडिकल सपोर्ट के मरीज दर्द से तड़पते रहे।

खेतों में दौड़ाए गए मरीज, बिना नंबर की गाड़ी से हुए शिफ्ट
​अस्पताल संचालकों की बेरहमी यहीं नहीं रुकी। छापेमारी के दौरान पकड़े जाने के डर से उन्होंने ऑपरेशन की हुई महिलाओं को पीछे के रास्ते से बाहर निकाला और पैदल ही खेतों में ले जाकर छिपा दिया। पीड़ित महिलाओं में छत्तीसगढ़ के डूमरपान निवासी बुधनी (पत्नी लालता) और बचरा गांव निवासी उर्मिला (पत्नी श्याम बिहारी) शामिल हैं। बाद में इन्हें जबरन एक बिना नंबर वाली गाड़ी में लादकर दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया गया।

पत्रकारों से अभद्रता, रसूख की धौंस
​घटना की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ भी अस्पताल संचालक ने बदसलूकी की। सूत्रों के अनुसार, संचालक ने अपनी ऊँची पहुँच का हवाला देते हुए धौंस जमाई और कहा कि “अधिकारी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे।” हैरानी की बात यह रही कि छापेमारी के दौरान सह नोडल अधिकारी मूकदर्शक बने रहे, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

दलालों का सिंडिकेट सक्रिय
​क्षेत्र में चर्चा है कि बभनी बाजार में कुछ दलालों के माध्यम से भोले-भाले ग्रामीणों को फुसलाकर अवैध तरीके से गर्भाशय निकालने और गर्भपात जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

अधिकारी का पक्ष:
“संजीवनी सर्जिकल हॉस्पिटल की अनियमितताएं सामने आई हैं। फिलहाल अस्पताल को नोटिस जारी किया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।”
— गुरु प्रसाद, सह नोडल अधिकारी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले