अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र। जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज सहित जनपद की विभिन्न तहसीलों में बिना अनुमति के अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेज़ी से फैलता जा रहा है। भू-माफियाओं द्वारा खुलेआम नियमों की अनदेखी कर ज़मीनों की प्लाटिंग कराई जा रही है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने जनपद सोनभद्र में एंटी भू-माफिया कानून के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों की जानकारी के बावजूद जारी अवैध प्लाटिंग
डॉ. धर्मवीर तिवारी ने आरोप लगाया कि जब भी इस तरह के मामलों की जानकारी तहसीलदार या एसडीएम को दी जाती है तो वे यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि “कोई मामला हो तो बताइए।” जबकि हकीकत यह है कि ओबरा, घोरावल और रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्रों में दर्जनों स्थानों पर बिना परमिशन के धड़ल्ले से प्लाटिंग का कार्य जारी है।
सरकार को हो रही करोड़ों की राजस्व क्षति
उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद अवैध प्लाटिंग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति हो रही है। सर्किट हाउस के पास सहित कई प्रमुख इलाकों में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
लंबे समय से जमे अधिकारी बने समस्या की वजह
डॉ. तिवारी ने ओबरा एसडीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि लगभग दो वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात रहने के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लंबे समय तक एक ही तहसील में पदस्थ रहने से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
भूमाफियाओं को तहसील अधिकारियों का संरक्षण
पूर्व जिलाध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रॉबर्ट्सगंज तहसील में भूमाफिया पूरी तरह हावी हैं और उन्हें तहसील स्तर के अधिकारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है। तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल की मिलीभगत से किसानों की जमीन औने-पौने दामों पर खरीदी जा रही है और नियमों को ताक पर रखकर प्लाटिंग कराई जा रही है।
तहसीलदार व एसडीएम की भूमिका की हो गहन जांच
डॉ. धर्मवीर तिवारी ने मांग की कि तहसीलदार और एसडीएम की भूमिका की गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उनकी संपत्तियों की भी जांच कराई जाए, ताकि सरकार की छवि धूमिल करने की साजिश रचने वालों को करारा जवाब मिल सके।





