सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित “ऑपरेशन खोज” अभियान के अंतर्गत सोनभद्र पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना बीजपुर और चाइल्ड लाइन टीम द्वारा 22 फरवरी को संरक्षित की गई एक नाबालिग बालिका को ए.एच.टी. (Anti-Human Trafficking) टीम ने अथक प्रयासों के बाद उसके परिजनों से मिला दिया है।
सफलता के मुख्य बिंदु:
- काउंसलिंग से मिली पहचान: शुरुआत में बालिका अपना पता बताने में असमर्थ थी। पीएचसी केकराही और जिला अस्पताल की काउंसलर्स (शिवांगी मिश्रा व मीना सोनकर) द्वारा की गई संवेदनशीलतापूर्ण काउंसलिंग के बाद बालिका ने अपना नाम अंशु बताया।
- त्वरित कार्रवाई: प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह के नेतृत्व में टीम ने सोनभद्र और मीरजापुर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार किया, जिससे पता चला कि बालिका रेनुकूट (थाना पिपरी) की निवासी है।
- परिजनों को सुपुर्दगी: सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 9 वर्षीय अंशु को उसके पिता बाबूलाल यादव को सौंप दिया गया।
पुलिस की अपील:
प्रशासन ने अपील की है कि यदि कहीं भी कोई लापता या भटका हुआ बच्चा मिले, तो तत्काल ए.एच.टी. के नंबर 9454404294 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें।
खोज करने वाली टीम: प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह, मुख्य आरक्षी धनंजय यादव, महिला आरक्षी शालिनी वैश्य और आरक्षी अनुराग शुक्ला।






