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सोनभद्र: निर्यातकों के लिए खुशखबरी, माल-भाड़े पर अनुदान की राशि हुई दोगुनी

प्रदेश सरकार ने MSME इकाइयों के लिए बढ़ाई आर्थिक सहायता; अब सालाना 30 लाख रुपये तक मिलेगी प्रतिपूर्ति

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Friday, February 20, 2026

सोनभद्र (अमान खान ब्यूरो चीफ): ​उत्तर प्रदेश के ‘लैंड लॉक्ड’ (चारों ओर जमीन से घिरे) राज्य होने के कारण निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (MSME) श्रेणी की निर्यातक इकाइयों को अब गेटवे पोर्ट तक माल पहुँचाने के भाड़े पर पहले से दोगुनी आर्थिक सहायता दी जा रही है।

​अनुदान में की गई महत्वपूर्ण वृद्धि:

  • ​20 फीट कंटेनर: अब ₹10,000 के स्थान पर ₹20,000 प्रति टी.ई.यू. (TEU)।
  • ​40 फीट कंटेनर: अब ₹20,000 के स्थान पर ₹40,000 प्रति टी.ई.यू. (TEU)।
  • ​अधिकतम सीमा: एक वित्तीय वर्ष में मिलने वाली अधिकतम सहायता राशि को ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख कर दिया गया है।

​योजना की खास बातें:

  • ​दायरा: समुद्री बंदरगाहों के अलावा वे ‘शुष्क बंदरगाह’ (Dry Ports) भी शामिल हैं, जहाँ से पड़ोसी देशों को सड़क मार्ग द्वारा निर्यात किया जाता है।
  • ​पिछला रिकॉर्ड: वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 2,871 निर्यातक इकाइयों को ₹2,133.72 लाख की सहायता वितरित की जा चुकी है।
  • ​लक्ष्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022’ के तहत प्रदेश में एक उद्योगपरक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान करना है।

​सरकार की इस नवीन निर्यात नीति से न केवल माल-भाड़े में राहत मिल रही है, बल्कि वायुयान भाड़ा युक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय विपणन विकास योजनाओं के माध्यम से भी उद्यमियों को सीधा लाभ पहुँचाया जा रहा है।

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