विण्ढमगंज/सोनभद्र,ब्यूरो चीफ। सोनभद्र जनपद के विण्ढमगंज क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही अब सीधे-सीधे आमजन की जान के लिए खतरा बनती जा रही है। भारतीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान के ठीक सामने नेशनल हाईवे एनएच-39 की पटरी पर स्थित ट्रांसफार्मर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुलेआम पड़ा हुआ है। न तो इसकी ब्रैकेटिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाया गया है। ऐसे में राहगीरों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों के लिए यह ट्रांसफार्मर एक चलता-फिरता मौत का जाल बन चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह ट्रांसफार्मर बेहद जर्जर अवस्था में है। कभी भी इसमें तकनीकी खराबी आ सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं। सवाल यह उठता है कि यदि कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—शासन-प्रशासन, बिजली विभाग के अधिकारी या फिर पीड़ित स्वयं?
इतना ही नहीं, विण्ढमगंज के मुख्य बाजार में भी नेशनल हाईवे एनएच-39 की पटरी पर 400 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर बिना ब्रैकेटिंग और बिना किसी सुरक्षा घेरे के रखा हुआ है।
यही ट्रांसफार्मर पूरे विण्ढमगंज बाजार को बिजली सप्लाई करता है। बाजार क्षेत्र में दिनभर लोगों की भारी आवाजाही रहती है, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों द्वारा इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पत्राचार किया गया, साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी बिजली विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह विभागीय उदासीनता समझ से परे है।
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या बिजली विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या किसी की जान जाने के बाद ही विभाग जागेगा? आम जनता की मांग है कि तत्काल प्रभाव से दोनों स्थानों पर ट्रांसफार्मरों की सुरक्षित ब्रैकेटिंग कराई जाए और मानक के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।







