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निगम की कान्हा गौशाला को मिला ‘आईबीआर अचीवर’ अवॉर्ड

- गोशाला प्रभारी ने महापौर व नगरायुक्त को किया भेंट

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, September 18, 2025

दैनिक अयोध्या टाइम्स/ चिराग भाटिया /रविंदर खुराना
सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर द्वारा संचालित माँ शाकुंभरी कान्हा उपवन गोशाला को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड द्वारा ‘आईबीआर अचीवर’ अवॉर्ड प्रदान किया गया है। गौशाला प्रभारी डॉ. संदीप मिश्रा ने यह अवार्ड आज यहां महापौर डॉ. अजय कुमार व नगरायुक्त शिपू गिरि को भेंट किया। निगम की कान्हा गोशाला देश की ऐसी पहली गोशाला बन गई है जिसे आइबीआर अचीवर अवॉर्ड प्राप्त हुआ है।

डॉ. मिश्रा ने महापौर को बताया कि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की 45 सदस्यों की टीम द्वारा अलग-अलग स्तर पर वेरिफिकेशन के उपरांत ही अवॉर्ड के लिए चयन किया जाता है।
गोशाला प्रभारी व नगर निगम के पशु चिकित्सा एव कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि यह अवार्ड गोवंश के बेहतर सरंक्षण एवं प्रबंधन, औद्योगिक समाधान का समावेश करने तथा गोमय उत्पादों के निर्माण और उन्हें विक्रय करने के लिए गोशाला को दिया गया है। उन्होंने बताया कि गोशाला को पूर्व में भी आईएसओ प्रमाणन एवं सर्वाधिक गो उत्पाद निर्मित करने के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

डॉ मिश्रा के मुताबिक आईएसओ प्रमाणन, आईबीआर एचीवर अवार्ड तथा वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित होने वाली कान्हा उपवन गोशाला विश्व की पहली गोशाला बन गयी है।
उन्होंने बताया कि गोशाला में 25 से अधिक गो उत्पाद निर्मित किए जा रहे हैं जिसमें दूध, घी, छाछ के अलावा गोबर से प्राकृतिक पेंट, वर्मी कम्पोस्ट, दिए, गणेश-लक्ष्मी व शिव जी की प्रतिमा, गाय-बछड़े की मूर्ति, ओम, स्वास्तिक, धूप बत्ती, हवन स्टिक, उपले, गो-काष्ठ, प्राकृतिक गुलाल, पंचगव्य साबुन, संभरानी कप, राखी, नेम प्लेट, तोरण द्वार, तिरंगा चेस्ट बैज, कमल का फूल तथा बायो गैस और गो मूत्र से गोअर्क व गोनाइल आदि सम्मिलित हैं।

प्रदेश की पहली गोशाला जहां विलुप्त हो चुकी बैलगाड़ी संस्कृति को पुनः जीवित करते हुए बच्चों को गो-संवर्धित परिसर में घुमाने के लिए मॉडर्न बुलक कार्ट बनाई गई है।

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