दुद्धी,अमान खान ब्यूरो चीफ (सोनभद्र)। सोनभद्र की राजनीति के एक विशाल बरगद और दुद्धी विधानसभा (403) से रिकॉर्ड आठ बार विधायक रहे वरिष्ठ नेता विजय सिंह गोंड का बुधवार देर रात लगभग 12 बजे निधन हो गया। 71 वर्षीय श्री गोंड लंबे समय से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही दुद्धी, विण्ढमगंज समेत पूरे जनपद में सन्नाटा पसर गया और समर्थकों की आंखें नम हो गईं।
जनता के बीच ‘अजेय’ पहचान
विजय सिंह गोंड महज एक राजनेता नहीं, बल्कि दुद्धी की जनता के लिए एक भरोसे का नाम थे। आठ बार विधायक चुना जाना उनकी अटूट लोकप्रियता और जनविश्वास का प्रमाण है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन आदिवासी समाज और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। सादगी और सीधा संवाद उनकी ऐसी पहचान थी, जिसने उन्हें हर वर्ग का चहेता बनाया।
बीमारी में भी नहीं छूटा जनसेवा का साथ
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, खराब स्वास्थ्य के बावजूद वे क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा मुखर रहते थे। वे अक्सर कार्यकर्ताओं से क्षेत्र का हाल-चाल लेते रहते थे। उनके करीबियों का कहना है कि उन्होंने अंतिम समय तक जनता के हितों को सर्वोपरि रखा।
राजनीतिक जगत में अपूरणीय क्षति
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध वर्ग ने गहरा दुख जताया है। लोगों का कहना है कि विजय सिंह गोंड के जाने से सोनभद्र की राजनीति में जो शून्य पैदा हुआ है, उसे भरना नामुमकिन है।
अंतिम दर्शन: उनके पैतृक आवास पर अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
शोक की लहर: क्षेत्र के व्यापारियों और आम नागरिकों ने अपने जननेता के सम्मान में स्वतः स्फूर्त संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
”दुद्धी ने आज अपना अभिभावक खो दिया है। संघर्ष और सेवा की जो मिसाल उन्होंने पेश की, वह हमेशा याद रखी जाएगी।”







