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Bankipur में हार के बाद Nitish Kumar ने PM Modi से की मुलाकात

प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के हाथों बीजेपी के गढ़ में मिली इस हार ने बिहार में NDA के भविष्य और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज़

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, August 4, 2026

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार ने मंगलवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिससे बिहार में NDA के भविष्य को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि यह बैठक बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के हाथों BJP को मिली चौंकाने वाली हार के ठीक बाद हुई है। इस उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,000 से ज़्यादा वोटों से हराया, जिससे बीजेपी को अपने सबसे मज़बूत चुनावी गढ़ों में से एक में बड़ा झटका लगा।बांकीपुर विधानसभा सीट 1995 से लगातार BJP के पास रही थी। इस सीट का प्रतिनिधित्व कई सालों तक स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने किया था, जिसके बाद उनके बेटे नितिन नवीन ने इसे संभाला और 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की।

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन के सीट छोड़ने पर उपचुनाव की ज़रूरत पड़ी। हालाँकि, BJP इस सीट को बचाने में नाकाम रही और प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी डेब्यू में ही निर्णायक जीत हासिल की।यह नतीजा इसलिए भी खास था क्योंकि जन सुराज पार्टी नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, इसलिए BJP के गढ़ में उसकी जीत एक बड़ी राजनीतिक कामयाबी मानी जा रही है। इस नतीजे ने बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा को और तेज़ कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे सिर्फ़ उपचुनाव में उलटफेर से कहीं ज़्यादा अहम मान रहे हैं। बीजेपी के लंबे समय से गढ़ माने जाने वाले इस सीट पर मिली हार को कई लोग अगले विधानसभा चुनावों से पहले वोटरों की बदलती पसंद का संकेत मान रहे हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान, कई सालों तक चुनावी रणनीतिकार रहने के बाद प्रशांत किशोर ने खुद को एक वैकल्पिक राजनीतिक नेता के तौर पर पेश किया। ‘जन सुराज’ अभियान के ज़रिए उन्होंने शिक्षा, रोज़गार, पलायन और व्यवस्थागत सुधार जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया; उनका कहना था कि इन मुद्दों ने चुनाव क्षेत्र के वोटरों को प्रभावित किया। बांकीपुर के नतीजे के ठीक बाद नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई मुलाक़ात ने NDA की रणनीति को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है, क्योंकि बिहार अब राजनीतिक रूप से बेहद अहम चुनावी दौर की ओर बढ़ रहा है।

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