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भारत–हैपाग-लॉयड साझेदारी: समुद्री ताकत को मिलेगी नई रफ्तार

भारत–हैपाग-लॉयड डील: समुद्री शक्ति को मिलेगा ग्लोबल बूस्ट

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Tuesday, March 24, 2026

India-Hapag-Lloyd partnership: A new impetus to maritime power

भारत के मरीन सेक्टर में वैश्विक सहयोग का नया अध्याय

मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई की हलचल भरी कारोबारी फिज़ा में एक ऐसा समझौता आकार ले चुका है, जो आने वाले समय में भारत के समुद्री और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की दिशा बदल सकता है। जर्मनी की वैश्विक शिपिंग कंपनी हैपाग-लॉयड और भारत सरकार के बीच हुआ यह सहमति पत्र केवल एक औपचारिक करार नहीं, बल्कि समुद्री सहयोग की नई संभावनाओं का द्वार है।

इस साझेदारी के तहत भारतीय ध्वज में जहाजों की रीफ्लैगिंग, टिकाऊ शिप रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम का निर्माण और वाधवान पोर्ट जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में निवेश जैसी पहलें शामिल हैं। ये कदम न केवल भारत की समुद्री क्षमता को मजबूत करेंगे, बल्कि उसे वैश्विक सप्लाई चेन में एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ाएंगे। हैपाग-लॉयड के सीईओ रोल्‍फ हैब्‍बेन जैनसेन के बीच हुई इस रणनीतिक मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब केवल एक उभरता हुआ बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार का एक मजबूत स्तंभ बनने की ओर अग्रसर है।

हैंसीटिक ग्लोबल टर्मिनल्स के सीईओ और हैपाग-लॉयड के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य धीरज भाटिया ने कहा, “भारत का बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर उल्लेखनीय गति और पैमाने पर विकसित हो रहा है। वाधवान पोर्ट जैसी परियोजनाओं में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका को काफी मजबूत करने की क्षमता है। हम भारत में एक कुशल और भविष्य के लिए तैयार पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में मदद करने के लिए उत्सुक हैं।”

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