दुद्धी (सोनभद्र) ब्यूरो चीफ। स्टेट की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए दुद्धी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। उपजिलाधिकारी (एसडीएम), क्षेत्राधिकारी (सीओ), तहसीलदार एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया, जबकि आमजन ने इसे सराहनीय कदम बताया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि स्टेट की जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित होती है, जिस पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कुछ स्थानों पर बिना किसी वैध दस्तावेज के अस्थायी और स्थायी निर्माण कर सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया था। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सीमांकन कर अतिक्रमण चिन्हित करने और नियमानुसार हटाने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने स्वयं अतिक्रमण हटाने में सहयोग किया है, उनके प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखा गया, लेकिन जो लोग नियमों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीओ ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए, ताकि कार्रवाई के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
तहसीलदार ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्टेट की जमीन की पहचान कराई और बताया कि अतिक्रमण हटने से सार्वजनिक मार्ग, नाली और अन्य विकास कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होंगी। वहीं ईओ ने कहा कि नगर क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक है।
प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई से स्टेट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने में सफलता मिली है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और भविष्य में अवैध कब्जों पर रोक लगेगी। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि आगे भी नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और पुनः अतिक्रमण पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







