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नाली बंद होने से आक्रोशित ग्रामीण , अधिकारी खामोश हुसैनपुर हड़ाई में ग्रामीणों की परेशानी चरम पर

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर हड़ाई से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सार्वजनिक नाली को ग्राम प्रधान और खंड विकास अधिकारी की मौजूदगी में मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। इससे पूरे गांव में जलभराव

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, July 23, 2025

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर हड़ाई से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सार्वजनिक नाली को ग्राम प्रधान और खंड विकास अधिकारी की मौजूदगी में मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया। इससे पूरे गांव में जलभराव की स्थिति बन गई है और ग्रामीण नर्क जैसी स्थिति में जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, नाली का पानी अब घरों में घुस रहा है जिससे मकानों में दरारें तक आ गई हैं। लोगों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं निकला।ग्रामीणों का दर्द:धीरेंद्र कुमार, निवासी हुसैनपुर हड़ाई ने बताया कि सरकारी नालियां चारों ओर से बंद कर दी गई हैं। “जब नाली बंद की गई, उस वक्त मैं मौके पर नहीं था लेकिन लोगों ने बताया कि वीडीओ साहब मौके पर खड़े थे। हमने डीएम को पत्र दिया, लेकिन अब तक नाली नहीं खुली। सिर्फ पंप से पानी निकाल दिया गया।”रचना देवी ने बताया कि उनके घर के बाहर नाली का पानी भर गया है, बांध की वजह से निकलने तक की जगह नहीं है। उन्होंने मांग की है कि बांध को तोड़कर निकासी चालू कराई जाए।रामदेव ने कहा, “जलभराव के कारण मेरा मकान चटक गया है। सिर्फ दिखावे के लिए पानी बाहर निकाला गया, लेकिन जड़ यानी नाली आज भी बंद है।”प्रेम प्यारी ने स्पष्ट कहा कि “वीडीओ साहब ने खुद खड़े होकर नाली बंद करवाई। हमारी मांग है कि पानी को पास के तालाब में डाला जाए। लेकिन ग्राम प्रधान व अन्य लोग बांध हटाने को तैयार नहीं हैं।”स्यूपालू नामक ग्रामीण ने बताया कि जिस तालाब में पानी जाना चाहिए, उस पर अवैध कब्जा है। “जब तक तालाब को कब्जा मुक्त और साफ नहीं किया जाएगा, ये समस्या बनी रहेगी।”प्रशासन बना मूकदर्शक विकासखंड राजेपुर के खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे न तो समाधान निकाल रहे हैं, न ही मौके पर निरीक्षण के लिए आ रहे हैं। उल्टे, विकास अधिकारी खुद नाली बंद करवाने में शामिल थे।ग्रामीणों की माँग:बंद नाली को तत्काल खोला जाए।पानी का निकास पास के तालाब में सुनिश्चित कराया जाए।
तालाब से अवैध कब्जा हटाया जाए और सफाई कराई जाए।जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

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