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​ ‘समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन’ में भ्रष्टाचार और गुटबाजी का आरोप, सदस्य शंभूनाथ ने दिया इस्तीफा

शंभूनाथ ने इस्तीफे में संगठन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, January 3, 2026

Allegations of corruption and factionalism in the 'Comprehensive Human Rights Association', member Shambhunath resigned.

​सोनभद्र। जिले में मानवाधिकारों की रक्षा का दावा करने वाले संगठन ‘समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन’ की आंतरिक कलह अब खुलकर सामने आ गई है। संगठन की कार्यप्रणाली और गिरते स्तर से क्षुब्ध होकर सोनभद्र इकाई के सदस्य शंभूनाथ ने अपने पद और प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा संगठन के राष्ट्रीय चेयरमैन को भेज दिया है।

​शंभूनाथ ने इस्तीफे में संगठन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, संगठन अब अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुका है।

इस्तीफे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: ​ भ्रष्टाचार का बोलबाला: शंभूनाथ ने आरोप लगाया है कि जिला प्रभारी का व्यवहार अत्यंत आपत्तिजनक है। उनके द्वारा संगठन में पद देने के नाम पर अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है।

​ जातिवाद और भेदभाव: मानवाधिकारों की बात करने वाले इस संगठन में अब खुलकर जातिवाद और धर्मवाद की राजनीति की जा रही है, जिससे निष्पक्ष कार्य करना असंभव हो गया है। ​ आंतरिक गुटबाजी: सोनभद्र इकाई के भीतर आपसी खींचतान और गुटबाजी इतनी बढ़ गई है कि काम करने का माहौल पूरी तरह खत्म हो चुका है। ​ संगठन की निष्क्रियता: संगठन का कोई विस्तार नहीं हो रहा है और यह पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुका है।

​ आईडी कार्ड खोने की सूचना: शंभूनाथ ने विशेष रूप से यह भी स्पष्ट किया है कि उनका संगठन का आईडी कार्ड (ID Card) कहीं खो गया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से सूचित किया है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति आईडी कार्ड वापस मांगने के नाम पर उन्हें परेशान न करे।

​शंभूनाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि आज के बाद उनका इस संगठन से कोई लेना-देना नहीं होगा और न ही वे संगठन की किसी गतिविधि के लिए जिम्मेदार रहेंगे।

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