​सपा कार्यकर्ताओं ने हवा में काला गुब्बारा उड़ाकर जताया विरोध, बजट को बताया 'जनविरोधी' - रमज़ान एवं ईद तथा महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियो के संबंध में शांति समिति की हुई बैठक - विश्व रेडियो दिवस लोगों की विश्वसनीय आवाज़ का जश्न मनाने का दिन है: नरेन्द्र मोदी - द्रौपदी मुर्मु ने अखिल भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया, ब्रह्म कुमारी के राष्ट्रव्यापी अभियान 'सशक्त भारत के लिए कर्मयोग' की शुरुआत की - मानवाधिकार की आड़ में गुंडागर्दी: फारुख शाह पर एक और शिकंजा, पीड़ित ने दोबारा पुलिस को सौंपा प्रार्थना पत्र​सपा कार्यकर्ताओं ने हवा में काला गुब्बारा उड़ाकर जताया विरोध, बजट को बताया 'जनविरोधी' - रमज़ान एवं ईद तथा महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियो के संबंध में शांति समिति की हुई बैठक - विश्व रेडियो दिवस लोगों की विश्वसनीय आवाज़ का जश्न मनाने का दिन है: नरेन्द्र मोदी - द्रौपदी मुर्मु ने अखिल भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया, ब्रह्म कुमारी के राष्ट्रव्यापी अभियान 'सशक्त भारत के लिए कर्मयोग' की शुरुआत की - मानवाधिकार की आड़ में गुंडागर्दी: फारुख शाह पर एक और शिकंजा, पीड़ित ने दोबारा पुलिस को सौंपा प्रार्थना पत्र

चाँदा प्रतापपुर कमैचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना दलालों का अड्डा

रिपोर्ट-मनोज कुमार सुल्तानपुर | जनपद के चाँदा प्रतापपुर कमैचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अस्पताल अब स्वास्थ्य सेवा का स्थान नहीं बल्कि दलालों का अड्डा बन चुका है मरीजों का आरोप है कि अस्पताल

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, September 7, 2025

रिपोर्ट-मनोज कुमार

सुल्तानपुर | जनपद के चाँदा प्रतापपुर कमैचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अस्पताल अब स्वास्थ्य सेवा का स्थान नहीं बल्कि दलालों का अड्डा बन चुका है मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद दवाइयां मरीजों तक नहीं पहुँच पातीं, बल्कि बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगी दवाइयां लिखवाई जाती हैं।

डॉक्टर समय पर नहीं आते और जो आते हैं, उनका ध्यान इलाज से ज्यादा दलालों के साथ सेटिंग पर रहता है।अस्पताल के आसपास बैठे दुकानदार और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से हर दिन गरीब मरीजों की जेब काटी जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई दलाल तंत्र और भ्रष्टाचार का असली चेहरा देखना चाहता है तो प्रतापपुर कमैचा सीएचसी इसका जिंदा उदाहरण है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन कब तक आंख मूंदे रहेगा।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले