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भनौली में निकला चेहलुम का जुलूस, नम आंखों से सुपुर्द-ए-ख़ाक किए ताज़िए

अमेठी संवाददाता विजय कुमार सिंह मुसाफिरखाना (अमेठी)। भनौली गांव में शुक्रवार को कर्बला के शहीदों की याद में चेहलुम का जुलूस बड़े ही ग़मगीन माहौल में निकाला गया। सुबह पूरे बस्ती में हुई मजलिस हुई, जिसमें मौलाना ने कर्बला के वाक़यात और हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Sunday, September 7, 2025

अमेठी संवाददाता विजय कुमार सिंह

मुसाफिरखाना (अमेठी)। भनौली गांव में शुक्रवार को कर्बला के शहीदों की याद में चेहलुम का जुलूस बड़े ही ग़मगीन माहौल में निकाला गया। सुबह पूरे बस्ती में हुई मजलिस हुई, जिसमें मौलाना ने कर्बला के वाक़यात और हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानी का ज़िक्र किया। इसके बाद दूसरी मजलिस बड़े इमामबाड़े में हुई, जहां अज़ादारों ने आंसुओं के साथ मातम किया।

जुमा की नमाज़ जामा मस्जिद इमामबाग में अदा की गई। नमाज़ के बाद बड़े इमामबाड़े से जुलूस रवाना हुआ, जो छोटे इमामबाड़े और दरगाह हज़रत अब्बास से होकर कर्बला पहुंचा। पूरे रास्ते अज़ादार या हुसैन की सदाओं के साथ मातम करते रहे। कर्बला पहुंचकर नम आंखों से ताजियों को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।

जुलूस में बड़ी संख्या में अज़ादारों ने शिरकत की। तपती धूप और उमस भरी गर्मी में सभी ने कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे ताकि जुलूस शांति और व्यवस्था के साथ संपन्न हो सके।

बता दें कि चेहलुम मोहर्रम के चालीसवें दिन मनाया जाता है। दुनिया भर के शिया मुसलमान इस दिन हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद करते हैं। इराक के कर्बला में इस मौके पर करोड़ों की संख्या में ज़ायरीन पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

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