बालेन शाह प्रधानमंत्री बनते ही आए एक्शन में, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार - ​सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाला युवक गिरफ्तार - भाजपा जिला अध्यक्ष ने फीता काटकर मंचन का शुभारंभ किया। - 'नहाई' की नई पहल से बदलेगा इंफ्रा निवेश का खेल - पाइन हिल्स एकेडमी का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित - मेधावी बच्चों को स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गएबालेन शाह प्रधानमंत्री बनते ही आए एक्शन में, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार - ​सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वाला युवक गिरफ्तार - भाजपा जिला अध्यक्ष ने फीता काटकर मंचन का शुभारंभ किया। - 'नहाई' की नई पहल से बदलेगा इंफ्रा निवेश का खेल - पाइन हिल्स एकेडमी का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित - मेधावी बच्चों को स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए

नवजात शिशुओं की माताओं को किया गया जागरूक

पीलीभीत /स्वशासी । राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा की पहल पर संबद्ध जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में “विश्व स्तनपान सप्ताह” के अवसर पर ब्रैस्ट फीडिंग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवजात शिशुओं की माताओं एवं परिजनों को स्तनपान

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Thursday, October 30, 2025

पीलीभीत /स्वशासी । राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा की पहल पर संबद्ध जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में “विश्व स्तनपान सप्ताह” के अवसर पर ब्रैस्ट फीडिंग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नवजात शिशुओं की माताओं एवं परिजनों को स्तनपान के सही तरीकों एवं उसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हुमा खान ने महिलाओं को विभिन्न जागरूकता सामग्रियों के माध्यम से छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने एक्सक्लूसिव ब्रैस्ट फीडिंग के लाभों के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम में स्टाफ नर्स अंजली, संदीप कौर एवं अंशु ने सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन का संचालन सीएमएस डॉ. राजेश, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वर्तिका अग्रवाल, डॉ. पूजा सिन्धवानी, डॉ. विशिका सिंह एवं डॉ. पायस के महत्वपूर्ण सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करना एवं शिशु के पोषण में उसकी भूमिका को उजागर करना रहा।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले