गौतम बुद्ध के विचारों से ही विश्व में स्थापित होगी शांति: चंद्रसेन पाल - ​समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन के पदाधिकारी की बढ़ी मुश्किलें: माँ के साथ मिलकर ठेकेदार के घर में की मारपीट - निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर व आयुष्मान कैम्प का हुआ आयोजन - नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में वैश्विक नेताओं का स्वागत किया - ​सोनभद्र साइबर सेल की बड़ी कामयाबी: गलत खाते में गए ₹5,200 कराए वापसगौतम बुद्ध के विचारों से ही विश्व में स्थापित होगी शांति: चंद्रसेन पाल - ​समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन के पदाधिकारी की बढ़ी मुश्किलें: माँ के साथ मिलकर ठेकेदार के घर में की मारपीट - निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर व आयुष्मान कैम्प का हुआ आयोजन - नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में वैश्विक नेताओं का स्वागत किया - ​सोनभद्र साइबर सेल की बड़ी कामयाबी: गलत खाते में गए ₹5,200 कराए वापस

एफएमडीसीपी टीकाकरण अभियान के छठे चरण का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ।

अमेठी संवाददाता विजय कुमार सिंह एफएमडीसीपी टीकाकरण अभियान के छठे चरण का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ। कलेक्ट्रेट परिसर से वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, 45 दिवसीय अभियान में 4.95 लाख पशुओं को लगेंगे टीके। अमेठी। पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एफ.एम.डी.सी.पी. (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Wednesday, July 23, 2025

अमेठी संवाददाता विजय कुमार सिंह

एफएमडीसीपी टीकाकरण अभियान के छठे चरण का जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ।

कलेक्ट्रेट परिसर से वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, 45 दिवसीय अभियान में 4.95 लाख पशुओं को लगेंगे टीके।

अमेठी। पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एफ.एम.डी.सी.पी. (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान के छठे चरण का शुभारंभ बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी संजय चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने टीकाकरण हेतु गठित टीमों के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान 23 जुलाई 2025 से 05 सितम्बर 2025 तक कुल 45 दिनों तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत जनपद के 13 विकास खंडों में पशुपालन विभाग की 58 टीमें लगभग 4,95,182 पशुओं को निःशुल्क टीका लगाएंगी। उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जिससे पशुओं की उत्पादकता में भारी गिरावट आती है, हालांकि इसमें मृत्यु दर कम होती है। इस बीमारी की रोकथाम हेतु नियमित टीकाकरण आवश्यक है। डॉ. शुक्ला ने बताया कि अभियान के दौरान प्रत्येक पशु के कान में टैग लगाकर उनका टीकाकरण किया जाएगा। सभी पशुपालकों से अपील की गई है कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराकर इस मुहिम को सफल बनाएं। जिले में संचालित समस्त गो-आश्रय स्थलों में रखे गए गोवंशों को भी 100 प्रतिशत टीकाकरण करते हुए गो-आश्रय पोर्टल पर अद्यतन किया जाएगा। अभियान की वैज्ञानिक पद्धति के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा चयनित गांवों में टीकाकरण से पूर्व पशुओं के रक्त के नमूने (प्री वैक्सीनेशन ब्लड सैंपल) लिए गए हैं। टीकाकरण के पश्चात उन्हीं पशुओं से दोबारा नमूने एकत्र कर विश्लेषण किया जाएगा, जिससे टीके की प्रभावशीलता का परीक्षण किया जा सके।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले