फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद की कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के नवाबगंज मार्ग पर स्थित अंडरपास इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। बरसात के दिनों में पानी भरने की समस्या से जूझने वाले इस अंडरपास की मरम्मत का कार्य पिछले करीब एक महीने से चल रहा है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अंडरपास बंद होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर अपनी मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है। शुक्रवार को रक्षाबंधन के त्योहार पर स्थिति और भी गंभीर दिखाई दी। भाई की कलाई पर राखी बांधने जा रही कई बहनों और उनके परिवारों को अंडरपास बंद होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रास्ता बंद होने के चलते कुछ बाइक सवार रेलवे पटरी के ऊपर से बाइक निकालते नजर आए, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

मैनपुरी से आई महिला बोली—अंडरपास बंद होने की जानकारी नहीं थी
मैनपुरी जनपद से थाना नवाबगंज क्षेत्र के एक गांव में अपने भाई को राखी बांधने जा रही एक महिला ने बताया कि उसे अंडरपास बंद होने की जानकारी नहीं थी। मौके पर पहुंचने के बाद जब रास्ता बंद मिला तो उसके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई। महिला के मुताबिक, दूसरे रास्ते से जाने पर करीब दो से तीन घंटे का अतिरिक्त समय लग जाएगा। ऐसे में वह मजबूरी में अपने पति के साथ बाइक से रेलवे पटरी पार करके आगे जाने को तैयार हुई। महिला का कहना था कि त्योहार के दिन समय पर भाई के घर पहुंचना जरूरी है, लेकिन रास्ता बंद होने से पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है।
जनता में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
स्थानीय राहगीरों का कहना है कि यदि अंडरपास में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या रहती है तो इसका स्थायी समाधान पहले ही कराया जाना चाहिए था। लोगों का आरोप है कि बरसात शुरू होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू होने से अब आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। राहगीरों ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए बरसात का इंतजार क्यों किया गया? लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग पहले से तैयारी करते तो रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर लोगों को रास्ते के लिए परेशान नहीं होना पड़ता।
रेलवे पटरी पर बढ़ा खतरा, जिम्मेदार कौन?
अंडरपास बंद होने के कारण रेलवे पटरी के आसपास से बाइक और अन्य वाहनों के निकलने की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यदि कोई वाहन चालक ट्रेन के आने की स्थिति में पटरी पर फंस गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद लोगों को वैकल्पिक रास्ते की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि अधिकारी यदि समय रहते मौके पर पहुंचकर व्यवस्था की निगरानी करते और वैकल्पिक मार्ग की उचित व्यवस्था कराते तो लोगों को इस तरह जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार करने की नौबत नहीं आती।
त्योहार के दिन भी राहत नहीं, अफसरों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से निकलते हैं, ऐसे समय में प्रमुख मार्ग का बंद होना और वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। राहगीरों का कहना है कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं, जबकि जमीन पर आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि अंडरपास का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, तब तक सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और रेलवे पटरी से वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले प्रशासन की नींद टूट सके।




