जिला संवाददाता आशीष कश्यप
दैनिक अयोध्या टाइम्स लखनऊ
राजधानी का सबसे व्यस्ततम इलाका लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन (छोटी लाइन) और दुर्गापुरी मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला मार्ग इस समय पूरी तरह से अराजकता और अवैध कब्जे की चपेट में है। नगर निगम जोन-5 के अंतर्गत आने वाले इस रूट पर कभी वैध दुकानें हुआ करती थीं, जिनका आवंटन साल 2022 में ही पूरी तरह से निरस्त किया जा चुका है। कागजों में यह जगह अब किसी के नाम अलॉटेड नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि भू-माफियाओं और दबंगों ने इस पूरी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके दुकानों की कतार लगा दी है।

सार्वजनिक शौचालय के बगल से अवैध बाजार, गंदगी का अंबार
स्थानीय निवासियों और राहगीरों के मुताबिक, इस रूट पर स्थित सार्वजनिक शौचालय के ठीक बगल से अवैध दुकानें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दुकानों की अत्यधिक संख्या के कारण पूरा फुटपाथ और सड़क का एक बड़ा हिस्सा घिर चुका है। अवैध कब्जेदारों ने यहाँ हर तरफ गंदगी फैला रखी है, लोग जहाँ-तहाँ पेशाब करते हैं, जिससे उठने वाली भीषण दुर्गंध के कारण आम जनता का यहाँ से पैदल गुजरना भी दूभर हो गया है।

जाम से जूझते राहगीर, रात में नशेडियों का आतंक
इस अवैध बाजार की वजह से दिनभर इस रूट पर भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहता है। सबसे गंभीर स्थिति सूर्यास्त के बाद होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात होते ही यह पूरा इलाका अपराधियों, नशेडियों, चरसियों और गंजेड़ियों का अड्डा बन जाता है। असामाजिक तत्व सरेआम गलत हरकतों को अंजाम देते हैं, जिससे राहगीरों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इस असुरक्षित माहौल के कारण क्षेत्र में आए दिन छोटी-मोटी आपराधिक वारदातें हो रही हैं।

कुंभकर्णी नींद में सोया नगर निगम जोन-5
हैरानी की बात यह है कि सब कुछ जानते हुए भी नगर निगम जोन-5 का प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा है। जनता लगातार शिकायतें कर रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इस अव्यवस्था और लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध अतिक्रमण को हटाकर रूट को साफ नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।





