सोनभद्र/मिर्जापुर: राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जनपद एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम सुलीन सिंह के आदेश पर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज (सी.डि.) श्री राहुल ने मिर्जापुर स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण की मुख्य बातें:
- जागरूकता शिविर: निरीक्षण के दौरान किशोरों के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों को ‘चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज’, शिक्षा का अधिकार (RTE), प्ली बारगेनिंग और नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया गया।
- आवासित किशोर: वर्तमान में इस केंद्र पर कुल 52 किशोर रह रहे हैं, जिनमें से 14 किशोर सोनभद्र जिले के हैं (चूंकि सोनभद्र में अपना संप्रेक्षण गृह संचालित नहीं है)।
- व्यवस्थाओं का जायजा: सचिव ने किशोरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता के बारे में पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि उन्हें निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन मिल रहा है और फिलहाल कोई बड़ी असुविधा नहीं है।
- प्रशासन को कड़े निर्देश: श्री राहुल ने प्रभारी सहायक अधीक्षक श्री लल्लन प्रसाद को निर्देश दिए कि परिसर की प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा, खेलकूद और मनोरंजन की व्यवस्थाओं को नियमानुसार और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
शिविर में नालसा (NALSA) की विभिन्न योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी गई ताकि ये किशोर भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।







