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​सोनभद्र में फर्जी ‘समानांतर सरकार’ चलाने वालों पर योगी सरकार का चाबुक, जल्द होगी जेल!

पुलिस को चुनौती देने वाले 'समग्र मानव अधिकार एसोसिएशन' के फर्जीवाड़े की खुली पोल; जिले के कप्तान ने थाना प्रभारी को दिए जांच के सख्त आदेश

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Tuesday, February 10, 2026

अमान खान ब्यूरो खान सोनभद्र। जनपद में पुलिस और प्रशासन को ठेंगा दिखाकर अपनी ‘निजी अदालत’ और ‘फर्जी न्याय व्यवस्था’ चलाने वाले सफेदपोश गिरोह का अंत अब नजदीक है। ‘समग्र मानव अधिकार एसोसिएशन’ के नाम पर भोली-भाली जनता को डराने-धमकाने और अवैध वसूली का धंधा चलाने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री दरबार से लेकर जिले के आला अधिकारियों तक घेराबंदी तेज हो गई है।

पुलिस को दी खुली चुनौती, अब भुगतेंगे अंजाम

यह गिरोह “भूल जाइए FIR” जैसे नारों के साथ जनता को गुमराह कर रहा था। खुद को संविधान से ऊपर समझने वाले इस संगठन ने ‘T.I.R’ (Torture Information Report) जैसी मनगढ़ंत व्यवस्था बनाकर कानून का मखौल उड़ाया है। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.यू. अंसारी और उनके गुर्गे जिले में समानांतर व्यवस्था चलाकर न केवल शासन को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि पुलिस की छवि भी धूमिल कर रहे हैं।

जिले के आला अधिकारी एक्शन मोड में

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस गिरोह की कमर तोड़ने की तैयारी कर ली है:

  • शिकायत का धमाका: मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद लखनऊ से सख्त निर्देश जारी हुए।
  • कप्तान का सख्त रुख: 07 फरवरी को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्राधिकारी को कड़े निर्देश दिए।
  • थाने तक पहुंची आंच: 09 फरवरी को यह फाइल संबंधित थाना प्रभारी के पास पहुंच चुकी है। सूत्रों की मानें तो संगठन के पंजीकरण की जांच के साथ-साथ इनके द्वारा की गई ‘अवैध वसूली’ का कच्चा चिट्ठा भी खंगाला जा रहा है।

अवैध वसूली का ‘सिंडिकेट’ अब रडार पर

आरोप है कि यह संस्था सदस्यता और सहयोग के नाम पर धन उगाही का एक बड़ा सिंडिकेट चला रही है। प्रशासन अब इनके बैंक खातों और नेटवर्क की जांच कर रहा है। कानून के जानकारों का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के उल्लंघन और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में इन पर बड़ी कार्रवाई तय है। जल्द ही इस गिरोह के कई बड़े चेहरों को पुलिस सलाखों के पीछे भेज सकती है।

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